नई दिल्ली: NEET प्रश्नपत्र लीक विवाद को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि केंद्र सरकार ने उसकी प्रमुख मांगों में से दो पर सकारात्मक रुख अपनाया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने गुरुवार को कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ करीब दो घंटे चली बैठक में CJP ने अपनी मांगें मौखिक और लिखित दोनों रूपों में सरकार के समक्ष रखीं।

CJP ने सरकार के सामने रखीं ये प्रमुख मांगें

बैठक के दौरान CJP ने सरकार के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखीं—

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की कार्रवाई।
  • NEET विवाद के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा।
  • प्रदर्शनकारी छात्रों और युवाओं पर दर्ज सभी FIR वापस लेने की मांग।
  • भविष्य में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर FIR दर्ज नहीं करने की लिखित गारंटी।

मुआवजा और FIR वापसी पर सकारात्मक संकेत

सौरभ दास ने दावा किया कि सरकार ने मुआवजा और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार करने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भविष्य में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने की मांग पर भी सकारात्मक रुख दिखाया है।

हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी अब सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने का इंतजार कर रही है।

'लिखित समझौते का इंतजार'

CJP के मुख्य न्यायिक न्यायाधीश आशुतोष रांका ने भी कहा कि सरकार ने पार्टी की प्रमुख मांगों में से दो पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस संबंध में लिखित समझौता सामने आएगा।

20 जुलाई के संसद मार्च के बाद बढ़ा विवाद

गौरतलब है कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान CJP और विभिन्न युवा संगठनों के प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे और लाठीचार्ज किया था। इस कार्रवाई को लेकर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया है।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दी है और अगली सुनवाई 27 जुलाई को निर्धारित है।