पटना: बिहार के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। पटना से नई दिल्ली के बीच जल्द ही स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलने की संभावना है। पूर्व मध्य रेलवे (दानापुर मंडल) इस रूट पर ट्रेन संचालन की तैयारी में जुट गया है। सूत्रों के अनुसार रेलवे बोर्ड ने इस ट्रेन के लिए टाइम टेबल और परिचालन प्रस्ताव मांगा है। ट्रेन को डीडीयू (पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन) और कानपुर के रास्ते चलाने पर विचार किया जा रहा है।

सिर्फ साढ़े 9 घंटे में पूरा होगा सफर

यदि यह ट्रेन शुरू होती है तो पटना से नई दिल्ली की दूरी करीब 9 घंटे 30 मिनट में तय की जा सकेगी। फिलहाल इस रूट की अधिकांश प्रीमियम ट्रेनें 12 से 14 घंटे का समय लेती हैं। ऐसे में यात्रियों का लगभग ढाई घंटे का समय बचेगा।

अगस्त में हो सकती है आधिकारिक घोषणा

जानकारी के मुताबिक रेलवे बोर्ड अगस्त में पटना और गोरखपुर से दो नई स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों की घोषणा कर सकता है। हालांकि अभी रेलवे की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

सप्ताह में 6 दिन चलेगी ट्रेन

प्रस्तावित योजना के अनुसार यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। ट्रेन शाम को पटना से रवाना होकर अगली सुबह नई दिल्ली पहुंचेगी, जबकि दिल्ली से भी शाम में चलकर अगले दिन सुबह पटना पहुंचेगी।

किराया कितना हो सकता है?

सूत्रों के अनुसार स्लीपर वंदे भारत का किराया—

  • तेजस राजधानी एक्सप्रेस से लगभग 10% अधिक
  • संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस से 20 से 25% ज्यादा हो सकता है।

हालांकि अंतिम किराया रेलवे की आधिकारिक घोषणा के बाद ही तय होगा।

16 कोच, 827 यात्रियों की क्षमता

प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत में कुल 16 कोच होंगे।

  • 11 एसी थ्री टियर कोच – 611 सीटें
  • 4 एसी टू टियर कोच – 188 सीटें
  • 1 एसी फर्स्ट क्लास कोच – 24 सीटें

कुल मिलाकर ट्रेन में 827 यात्रियों के सफर की व्यवस्था होगी।

मिलेंगी ये हाईटेक सुविधाएं

स्लीपर वंदे भारत में यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, जिनमें शामिल हैं—

  • USB चार्जिंग पोर्ट और रीडिंग लैंप
  • हाई-स्पीड फ्री Wi-Fi
  • रियल टाइम पैसेंजर इंफॉर्मेशन डिस्प्ले
  • इन्फोटेनमेंट स्क्रीन
  • मॉड्यूलर पैंट्री
  • टच-फ्री बायो-वैक्यूम टॉयलेट
  • एसी फर्स्ट क्लास में गर्म पानी का शॉवर
  • बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष बर्थ
  • ऊपरी बर्थ के लिए सुरक्षित सीढ़ियां

सुरक्षा भी होगी हाईटेक

ट्रेन में सुरक्षा के लिए कवच एंटी-कोलिजन सिस्टम, ऑटोमैटिक प्लग डोर, हर कोच में सीसीटीवी कैमरे और इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।