कटिहार: शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर गुरुवार को कटिहार में छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया। हजारों छात्र-छात्राओं ने शहीद चौक से पैदल मार्च निकालकर समाहरणालय का घेराव किया। शुरुआत में शांतिपूर्ण रहा प्रदर्शन बाद में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में बदल गया। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया, जिसके बाद कुछ प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव भी किया गया। घटना में कई छात्रों और कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है।

शहीद चौक से निकला छात्र मार्च

सुबह से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शहीद चौक पर एकत्र हुए। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षाओं में पारदर्शिता और रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग की। मार्च के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात भी कुछ समय के लिए प्रभावित रहा।

समाहरणालय के बाहर प्रदर्शन और सभा

समाहरणालय पहुंचने के बाद छात्रों ने सभा कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि परीक्षाओं में देरी, परिणामों में अनियमितता और रोजगार के सीमित अवसरों के कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, छात्रावास और रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग की। कुछ छात्रों ने शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की भी मांग उठाई।

ज्ञापन देने के दौरान बिगड़े हालात

सभा के बाद जब प्रदर्शनकारी ज्ञापन सौंपने के लिए समाहरणालय परिसर में प्रवेश करने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई। स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव किए जाने की सूचना है। घटना में घायल छात्रों और पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया।

प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा बढ़ाई गई

घटना के बाद समाहरणालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों और छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।