पटना बिहार के मुंगेर निवासी शुभम कुमार ने अपनी अनोखी उपलब्धि से देश का नाम रोशन किया है। शुभम के पास दुनिया के 197 देशों की करेंसी का दुर्लभ संग्रह है। उन्होंने अपनी विश्व यात्रा के दौरान हर देश की मुद्रा को यादगार के रूप में संजोया, जो अब एक अनूठा वैश्विक संग्रह बन चुका है। शुभम कुमार दुनिया के सभी 197 देशों की यात्रा पूरी करने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय और एशियाई बताए जाते हैं। लगभग दस वर्षों तक चले इस सफर में उन्होंने अलग-अलग देशों की संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली को करीब से जाना। इसी दौरान उन्होंने हर देश की मुद्रा नोट और सिक्के को अपनी यात्रा की याद के तौर पर संग्रहित करना शुरू किया।

उनके संग्रह में ब्राजील की करेंसी से लेकर भूटान के न्गुल्ट्रम (Ngultrum) सहित दुनिया के लगभग सभी देशों की मुद्राएं शामिल हैं। यह संग्रह न केवल उनकी यात्राओं की कहानी बयां करता है, बल्कि विश्व की आर्थिक और सांस्कृतिक विविधता की भी झलक प्रस्तुत करता है।

शुभम ने बताया कि उन्होंने करीब दस वर्ष पहले सीमित संसाधनों और बड़े सपनों के साथ अपनी यात्रा शुरू की थी। कई देशों में उन्होंने बस  ट्रक और स्थानीय वाहनों से सफर किया, कई बार लंबी दूरी पैदल भी तय करनी पड़ी। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा।

उन्होंने अपनी 197वीं और अंतिम देश की यात्रा ब्राजील में पूरी की। सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने अनुभव में उन्होंने लिखा कि दुनिया घूमने के इस लंबे सफर का समापन ब्राजील में करना उनके लिए बेहद खास और यादगार रहा।

आज शुभम कुमार का यह अनोखा करेंसी संग्रह और उनकी विश्व यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनका मानना है कि यात्राएं केवल नई जगहें देखने का माध्यम नहीं, बल्कि दुनिया को समझने और जीवन को समृद्ध बनाने का अवसर भी होती हैं