पटना: बिहार में आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के खिलाफ कार्रवाई के तहत आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। सीवान में तैनात उत्पाद निरीक्षक (Excise Inspector) अंकेश कुमार गोंड के खिलाफ चल रही जांच में करोड़ों रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में उनके पास करीब 40 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन, 80 लाख रुपये का आलीशान मकान, लग्जरी वाहन और भारी निवेश से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है।

पटना, मुंगेर और सीवान में एक साथ छापेमारी

EOU की टीम ने अंकेश कुमार गोंड के पटना, मुंगेर और सीवान स्थित कुल पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में जमीन के कागजात, बैंक खातों, निवेश और अन्य वित्तीय दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

करोड़ों की संपत्ति की जांच

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अधिकारी के नाम और उसके परिजनों से जुड़े कई संपत्तियों का विवरण जांच एजेंसियों के हाथ लगा है। इनमें महंगी जमीन, आलीशान मकान, लग्जरी कारें और अन्य चल-अचल संपत्तियां शामिल हैं। ईओयू अब इन सभी संपत्तियों के स्रोत की जांच कर रही है।

आय से अधिक संपत्ति का मामला

आर्थिक अपराध इकाई का कहना है कि उत्पाद निरीक्षक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर अदालत से तलाशी वारंट प्राप्त कर यह कार्रवाई की गई।

बैंक निवेश और वित्तीय लेन-देन भी जांच के दायरे में

छापेमारी के दौरान बैंक खातों, एफडी, निवेश, बीमा और अन्य वित्तीय दस्तावेज भी मिले हैं। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि अधिकारी ने इतनी बड़ी संपत्ति किस माध्यम से अर्जित की और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भी भूमिका है।

EOU ने संकेत दिया है कि जब्त दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।