भरत तिवारी के परिजनों को सरकार से नहीं मिली आर्थिक मदद, पप्पू यादव बोले- चुनाव में परिवार का इस्तेमाल किया गया
पटना: बिहार में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने दावा किया है कि भरत तिवारी के परिवार को सरकार की ओर से अब तक कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली है। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर सरकार और राजनीतिक दलों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पप्पू यादव के मुताबिक, भरत तिवारी की पत्नी और मां की ओर से भी परिवार को किसी तरह की सरकारी मदद नहीं मिलने की बात कही गई है। सांसद ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों ने चुनाव के दौरान इस परिवार का इस्तेमाल किया, जबकि मदद के नाम पर परिवार को कुछ नहीं मिला। पप्पू यादव ने कहा कि भरत तिवारी की पत्नी और मां ने स्वयं परिवार को आर्थिक सहायता नहीं मिलने की बात कही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले परिवार से किए गए वादे पूरे नहीं किए गए और बाद में चुनाव के दौरान परिवार को राजनीतिक मुद्दे के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश की गई। सांसद ने कहा कि यदि परिवार की मदद नहीं की गई तो संबंधित लोगों को इस मामले में माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में परशुराम समाज और शहीद परिवार की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया गया। इधर, पप्पू यादव पर जूता फेंकने के आरोपी बताए जा रहे सुमित गिरि और हैप्पी शर्मा के उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर स्थित गांव पहुंचने पर स्थानीय लोगों द्वारा स्वागत किए जाने की खबर भी सामने आई है। बताया गया कि दोनों का फूल-मालाओं और डीजे के साथ स्वागत किया गया। इस मामले पर पप्पू यादव ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से किए गए एक पोस्ट को साझा किया। अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दोषियों के स्वागत की परंपरा जारी है। रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने की घटना पर भी पप्पू यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस घटना को लेकर सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला तथा प्रदर्शनकारी छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर सवाल उठाए। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन में शामिल बेटियों के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है। हालांकि, पप्पू यादव द्वारा लगाए गए सरकार की आर्थिक मदद नहीं मिलने समेत अन्य राजनीतिक आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। पूरे मामले को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी लगातार जारी है।‘एक रुपया भी मदद नहीं मिली’
पप्पू यादव पर जूता फेंकने के आरोपियों का स्वागत
नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने पर भी प्रतिक्रिया















