पटना: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि स्वर्गीय भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाया जाएगा और सरकार इस मामले में हर आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने परिवार की समस्याएं सुनीं और हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।

क्या है पूरा मामला?

17 जून को भरत तिवारी फेसबुक लाइव पर आया था। लाइव के दौरान उसने खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने की बात कही। इसके बाद उसने पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया।

पुलिस का दावा है कि आत्मसमर्पण के बाद भरत तिवारी ने दोबारा हथियार उठाकर फायरिंग करने की कोशिश की। इसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिसमें उसकी मौत हो गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या मिला?

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार भरत तिवारी को कुल पांच गोलियां लगी थीं। रिपोर्ट में बताया गया कि—

  • पहली गोली बाईं जांघ के ऊपरी हिस्से में सामने से लगी।
  • दूसरी गोली बाईं जांघ के बीच वाले हिस्से के अंदर की ओर लगी।
  • तीसरी गोली दाईं जांघ के बीच वाले हिस्से के अंदर की ओर लगी।
  • चौथी गोली दाईं जांघ के बाहरी हिस्से में मिली।
  • पांचवीं गोली बाएं पैर के बीच वाले हिस्से में पीछे से लगी।

रिपोर्ट में यह भी पुष्टि हुई कि सभी गोलियां शरीर के निचले हिस्से में लगी थीं।

हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

पटना हाई कोर्ट ने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार सरकार को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का भी आदेश दिया है।