पटना: बिहार में मानसून के सक्रिय रहने के बीच मौसम विभाग ने गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को राज्य के 19 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार कई इलाकों में भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान जहां तक संभव हो, घर के अंदर रहें और खुले स्थानों पर जाने से बचें।

12 जिलों में येलो अलर्ट

वहीं शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, समस्तीपुर, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर, बांका और जमुई में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले तीन दिनों तक बिहार के कई हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है।

21 और 22 अगस्त को भी बारिश का अलर्ट

21 अगस्त को उत्तर-पूर्वी और पूर्वी बिहार में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, अररिया और किशनगंज में भारी बारिश होने की संभावना है।

वहीं 22 अगस्त को उत्तरी बिहार के ज्यादातर हिस्सों में येलो अलर्ट और दक्षिणी बिहार के कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट की संभावना जताई गई है। खराब मौसम की आशंका वाले जिलों में गोपालगंज, सीवान, रोहतास, कैमूर और बक्सर शामिल हैं।

पटना में हल्की बारिश के आसार

राजधानी पटना में गुरुवार सुबह मौसम साफ रहा, लेकिन दिन में बादल छाने की संभावना है। शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

बिहार में अब तक सामान्य से 39 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, मानसून के सक्रिय रहने के कारण आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है, जिससे राज्य में बारिश की कमी कुछ हद तक कम हो सकती है।

वज्रपात के दौरान सावधानी बरतने की अपील

मौसम विभाग ने लोगों को आंधी-तूफान और बिजली गिरने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों को खुले मैदान, जलाशयों और अकेले खड़े पेड़ों से दूर रहने तथा संभव हो तो सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है।