लखनऊ में फर्जी MEA अधिकारी बनकर रेड, पूछताछ में विदेशी महिलाओं के कथित सेक्स रैकेट का खुलासा, ‘रोजा’ की तलाश
लखनऊ: गोमतीनगर स्थित होटल क्रिस्टेलिया में खुद को विदेश मंत्रालय (MEA) का सेक्शन ऑफिसर बताकर फर्जी रेड डालने के मामले की जांच अब विदेशी महिलाओं से जुड़े कथित नेटवर्क तक पहुंच गई है। पुलिस के अनुसार, 15 अगस्त की देर रात हुई इस घटना में गिरफ्तार दो आरोपियों से पूछताछ के बाद तुर्कमेनिस्तान और मध्य एशियाई देशों से जुड़े एक कथित देह व्यापार नेटवर्क की जानकारी सामने आई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे तुर्कमेनिस्तान मूल की ‘रोजा’ नाम की महिला के इशारे पर होटल में युवतियों की तलाश करने पहुंचे थे। पुलिस अब रोजा और मामले में फरार तीसरे आरोपी की तलाश कर रही है। पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारी के अनुसार, रोजा पिछले करीब 10 वर्षों से भारत में रह रही है। आरोप है कि वह पिछले करीब आठ वर्षों से तुर्कमेनिस्तान की युवतियों को भारत बुलाने और उन्हें कथित देह व्यापार के लिए मजबूर करने वाले नेटवर्क से जुड़ी है। पुलिस के मुताबिक, रोजा युवतियों के पासपोर्ट अपने पास रखती थी। जांच में ‘दुनिया’ नाम की महिला समेत पांच विदेशी युवतियों के पासपोर्ट उसके कब्जे में होने की जानकारी सामने आई है। जांच के दौरान पुलिस को कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े एक अन्य व्यक्ति के बारे में भी जानकारी मिली है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, तुर्कमेनिस्तान में रहने वाला एक युवक कमीशन के आधार पर युवतियों को भारत भेजने में रोजा की मदद करता था। अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े लोगों, भारत लाई गई विदेशी महिलाओं और उनके दस्तावेजों की जांच कर रही है। मामला 15 अगस्त की देर रात का है। पुलिस के मुताबिक, नोएडा निवासी अभिनव सिंह और मेरठ निवासी शिवम चौहान ने खुद को विदेश मंत्रालय के अधिकारी बताकर होटल क्रिस्टेलिया में फर्जी रेड डाली। आरोप है कि दोनों ने होटल का गेट अंदर से बंद कराया और कर्मचारियों के साथ मारपीट करते हुए उनके मोबाइल फोन छीन लिए। इसके बाद होटल के कमरों की तलाशी ली गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विदेश मंत्रालय से जुड़े 478 फर्जी विजिटिंग और आईडी कार्ड बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा विदेशी पहचान पत्र, क्रेडिट-डेबिट कार्ड और अन्य दस्तावेज भी मिलने की बात कही गई है। पुलिस अब बरामद दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि इनका इस्तेमाल किन लोगों और किन गतिविधियों के लिए किया जाता था। तुर्कमेनिस्तान और मध्य एशियाई देशों से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आने के बाद लखनऊ पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस कथित विदेशी महिला नेटवर्क, दस्तावेजों और आरोपियों के संपर्कों की पड़ताल कर रही है।10 साल से भारत में रहने का दावा
तुर्कमेनिस्तान से जुड़े व्यक्ति की भी तलाश
फर्जी MEA अधिकारी बनकर होटल में रेड
478 फर्जी ID कार्ड बरामद
जांच का दायरा बढ़ा














