ओडिशा के कोरापुट जिले से ग्रामीण बदहाली की एक और तस्वीर सामने आई है। दसमंतपुर ब्लॉक के पदुगुड़ा गांव में सड़क सुविधा नहीं होने के कारण एक घायल युवक को ग्रामीणों ने कंधों पर उठाकर करीब 4 किलोमीटर तक कीचड़ भरे रास्तों से ले जाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद ही युवक को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया जा सका। जानकारी के मुताबिक पदुगुड़ा गांव निवासी चंदल गराड़ा के पैर में फ्रैक्चर हो गया था। परिजनों ने तुरंत एम्बुलेंस सेवा से संपर्क किया  लेकिन गांव तक पक्की सड़क नहीं होने की वजह से एम्बुलेंस बीच रास्ते में ही रुक गई। आपात स्थिति में ग्रामीणों ने खुद ही एक अस्थायी स्ट्रेचर तैयार किया और घायल युवक को कंधों पर उठाकर ऊबड़ खाबड़ और कीचड़ भरे रास्तों से करीब चार किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। सड़क नहीं होने की वजह से गांव में मरीजों  बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को भी कई बार खाट या अस्थायी स्ट्रेचर पर उठाकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। इसके बाद ही उन्हें स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाया जा सकता है। घायल युवक को बाद में एम्बुलेंस के जरिए दसमंतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया  जहां उसका इलाज जारी है। गांव वालों ने आरोप लगाया कि वर्षों से प्रशासन से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है  लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। घटना के बाद ग्रामीणों ने गांव तक हर मौसम में चलने योग्य पक्की सड़क बनाने की मांग तेज कर दी है ताकि भविष्य में किसी मरीज को इलाज के लिए इस तरह संघर्ष न करना पड़े।