रांची खरीफ कार्यशाला आयोजन
रांची राज्य की कृषि,
पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने झारखंड के सभी 24
जिलों में आयोजित जिला स्तरीय खरीफ
कार्यशालाओं के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ये
कार्यशालाएं किसानों को आगामी खरीफ मौसम के लिए तैयार करने, कृषि संबंधी जागरूकता बढ़ाने तथा
संभावित अल्पवृष्टि एवं सूखे जैसी परिस्थितियों से निपटने में बेहद उपयोगी साबित
होंगी।मंत्री ने बताया कि 11 एवं
12 मई को आयोजित राज्य
स्तरीय खरीफ कार्यशाला में यह निर्णय लिया गया था कि 20 मई को राज्य के सभी जिलों में जिला
स्तरीय खरीफ कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इसी निर्णय के अनुरूप बुधवार को
राज्यभर में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुए।उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए विभाग
के वरीय पदाधिकारियों, जिला
स्तरीय अधिकारियों एवं सभी कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि विभाग ने जिस सोच और
उद्देश्य के साथ इन कार्यशालाओं की योजना बनाई थी, वह अब धरातल पर सफल होती दिखाई दे रही
है।मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि कृषि विभाग से जुड़े मंत्री, सचिव, अधिकारी एवं कर्मचारी सभी का एकमात्र
उद्देश्य किसानों के हित में कार्य करना है। किसानों के उत्थान, कृषि विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को
मजबूत बनाने के लिए विभाग निरंतर कार्य कर रहा है।उन्होंने कहा कि मौसम
वैज्ञानिकों द्वारा इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा की संभावना जताई गई है। ऐसे में
किसानों को समय रहते आवश्यक जानकारी, वैकल्पिक खेती की रणनीति और खरीफ फसलों की सुरक्षा से जुड़ी
जानकारी देना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से इन कार्यशालाओं का आयोजन किया गया।राज्य
के सभी जिला मुख्यालयों में आयोजित कार्यशालाओं में विभागीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा प्रति जिला न्यूनतम 500 प्रगतिशील किसानों की भागीदारी
सुनिश्चित की गई। कार्यशालाओं में “ड्रॉट कंटीजेंट प्लान” (Drought Contingent Plan)
एवं उससे संबंधित जागरूकता सामग्री का
विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया, ताकि
किसान संभावित सूखे की स्थिति में भी खेती को सुरक्षित और लाभकारी बना सकें।मंत्री
ने आगे जानकारी दी कि आगामी 22 मई को राज्य के सभी
प्रखंड मुख्यालयों में प्रखंड स्तरीय खरीफ
कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसानों तक तकनीकी
जानकारी एवं जागरूकता पहुंचाई जा सके।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की
समस्याओं के समाधान, कृषि
उत्पादन की सुरक्षा और किसानों की आय बढ़ाने के लिए पूरी गंभीरता एवं प्रतिबद्धता
के साथ कार्य कर रही है।














