बोकारो: देश के पूर्व प्रधानमंत्री, कंप्यूटर एवं सूचना क्रांति के नायक और भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती पर बोकारो जिला 20 सूत्री के उपाध्यक्ष देवाशीष मंडल ने भोजुडीह स्थित अपने आवासीय कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। राजीव गांधी की जयंती को सद्भावना दिवस के रूप में मनाया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत राजीव गांधी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उन्हें नमन किया।

आधुनिक भारत के निर्माण में राजीव गांधी का योगदान याद किया

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवाशीष मंडल ने राजीव गांधी के जीवन और राजनीतिक सफर पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को हुआ था। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने पायलट के रूप में कार्य किया।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1980 में संजय गांधी के निधन के बाद राजीव गांधी ने राजनीति में कदम रखा और अमेठी से लोकसभा चुनाव जीतकर वर्ष 1981 में सांसद बने। वर्ष 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री पद संभाला।

इसके बाद हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने राजीव गांधी के नेतृत्व में बड़ी जीत हासिल की और पार्टी ने 414 लोकसभा सीटों पर विजय प्राप्त की।

कंप्यूटर और सूचना क्रांति को मिली गति

देवाशीष मंडल ने कहा कि राजीव गांधी के प्रधानमंत्री कार्यकाल में देश में कंप्यूटर और सूचना क्रांति को गति मिली। इसके साथ ही पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने, युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अधिक भागीदारी देने और शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल की गईं।

उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की उम्र में मतदान का अधिकार, जवाहर नवोदय विद्यालयों की स्थापना और पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने जैसी पहलों ने आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

देवाशीष मंडल ने कहा कि देश के विकास और आधुनिकीकरण में राजीव गांधी के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों और देश के प्रति योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।