बाघमारा : कतरास के वार्ड संख्या-2 स्थित छाताबाद में 7 जुलाई को हुए भू-धसान के बाद इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। कई मकान धंस गए, कुछ लोग घायल हुए और आसपास के कई घरों में गहरी दरारें पड़ गईं। हालांकि इस घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन प्रभावित परिवार अब भी भय के साये में जीवन बिताने को मजबूर हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि भू-धसान के बाद से वे रातभर चैन की नींद नहीं सो पा रहे हैं। कई परिवारों ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें रिश्तेदारों के यहां भेज दिया है।

धीमी राहत कार्य पर उठे सवाल

घटनास्थल पर बीसीसीएल और जिला प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य जारी है। हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि केवल एक जेसीबी मशीन से मलबा हटाए जाने के कारण काम बेहद धीमी गति से चल रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि अब तक किसी विशेष बचाव दल की तैनाती नहीं होने से लोगों में नाराजगी है और राहत कार्य में तेजी लाने की जरूरत है।

मकानों में फंसा जरूरी सामान

भू-धसान से प्रभावित कई मकानों के अंदर लोगों के महत्वपूर्ण दस्तावेज, राशन और घरेलू सामान फंसे हुए हैं। प्रभावित परिवार प्रशासन से इन सामानों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सहायता की मांग कर रहे हैं।

पुनर्वास की उठी मांग

जिन परिवारों के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, वे स्थायी पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। वहीं जिन घरों में बड़ी दरारें आ गई हैं, वहां रहने वाले लोग भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि त्वरित और प्रभावी कार्रवाई चाहिए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।