दुमका झारखंड की उप राजधानी दुमका के रानीश्वर में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सीडीपीओ राजेश कुमार सिन्हा ने सुखजोड़ा पंचायत सहित विभिन्न क्षेत्रों के पांच आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई केंद्रों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।सुखजोड़ा पंचायत अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र रागडीह के निरीक्षण के दौरान केंद्र बंद पाया गया। आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि केंद्र अक्सर सुबह 10-11 बजे के बीच ही बंद कर दिया जाता है। निरीक्षण के दौरान सेविका अनुपस्थित पाई गई जबकि सहायिका और पोषण सखी को बुलाने के बाद वे केंद्र पर उपस्थित हुईं। पूछताछ में पता चला कि सेविका पिछले दो दिनों से केंद्र नहीं आ रही थीं।वहीं आंगनबाड़ी केंद्र पथरा मोचीपाड़ा के निरीक्षण के दौरान सुबह करीब 11:15 बजे एक भी बच्चा उपस्थित नहीं मिला। सेविका ने बताया कि बच्चे पोषाहार लेकर घर जा चुके हैं, लेकिन उपस्थिति पंजी की जांच करने पर किसी भी बच्चे की उपस्थिति दर्ज नहीं पाई गई।आंगनबाड़ी केंद्र पथरा 2 के निरीक्षण में भी सुबह 11 बजे तक कोई बच्चा मौजूद नहीं था। सेविका ने बताया कि गांव में शादी होने के कारण बच्चे अभी तक नहीं पहुंचे हैं। इस केंद्र में पोषण सखी भी अनुपस्थित पाई गई।टीएचआर टेक होम राशन वितरण के संबंध में पूछताछ करने पर सेविका ने बताया कि केंद्र को राशन की आपूर्ति नहीं हुई है, लेकिन जांच में पाया गया कि चार पांच दिन पहले ही टीएचआर प्राप्त किया गया था।सुखजोड़ा पंचायत के तकीपुर आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान केवल चार बच्चे मौजूद पाए गए जबकि उपस्थिति पंजी में 15 बच्चों की उपस्थिति दर्ज की गई थी।बताया गया कि सभी केंद्रों को टीएचआर उपलब्ध करा दिया गया है लेकिन कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों में इसका वितरण नहीं किया जा रहा है।इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बाल विकास परियोजना पदाधिकारी ने संबंधित आंगनबाड़ी सेविकाओं से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा कि लापरवाही कार्य में रुचि नहीं लेने और नियमों के अनुसार केंद्र संचालन नहीं करने के कारण स्पष्टीकरण जारी किया गया है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।