पोटका भीषण गर्मी के बीच लोग अब ठंडक पाने के लिए फिर से पारंपरिक तरीकों की ओर रुख कर रहे हैं। यही वजह है कि बाजार में मिट्टी की हांडी यानी घड़े की मांग तेजी से बढ़ गई है।लोग अब फ्रिज के अत्यधिक ठंडे पानी से दूरी बनाकर प्राकृतिक रूप से ठंडे पानी को प्राथमिकता दे रहे हैं। मिट्टी की हांडी में रखा पानी स्वाभाविक रूप से ठंडा रहता है और स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर माना जाता है।बाजार में अब मिट्टी की हांडी को आधुनिक रूप भी दिया जा रहा है। हांडी में नल टैप लगाए जा रहे हैं और आकर्षक स्टैंड भी उपलब्ध हैं जिससे इसका उपयोग और सुविधाजनक हो गया है।मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कारीगर विजय प्रजापति बताते हैं कि गर्मी बढ़ने के साथ हांडी की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। बिना नल वाली हांडी करीब 160 रुपये में, जबकि नल लगी हांडी 210 रुपये में बिक रही है।कारीगरों का कहना है कि फ्रिज के बहुत ठंडे पानी से दांत और मसूड़ों की समस्या बढ़ती है जबकि मिट्टी की हांडी का पानी संतुलित और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है।आज के समय में कई लोग फ्रिज होने के बावजूद हांडी का पानी पीना पसंद कर रहे हैं। यह न सिर्फ सेहत के लिए बेहतर है बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी है।इस बढ़ती मांग ने स्थानीय कारीगरों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं।