हजारीबाग अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय के लोगों को त्वरित न्याय और सुरक्षा देने के उद्देश्य से बनाए गए विशेष SC/ST थानों की व्यवस्था पर हजारीबाग में गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भीम आर्मी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष संजय कुमार रविराज ने हजारीबाग स्थित SC/ST थाना की बदहाली को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।उन्होंने आरोप लगाया कि हजारीबाग का SC/ST थाना ज्यादातर समय बंद रहता है जिसके कारण पीड़ित न्याय के लिए दर दर भटकने को मजबूर हैं।संजय रविराज ने कहा कि संविधान की मंशा के तहत ऐसे विशेष थाने इसलिए बनाए गए थे ताकि अनुसूचित जाति और जनजाति समाज के लोग बिना किसी डर के अपनी शिकायत दर्ज करा सकें और जातिगत अत्याचार के मामलों में उन्हें त्वरित न्याय मिल सके। लेकिन हजारीबाग में स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि थाना बंद रहने के साथ साथ शिकायत दर्ज कराने के लिए जब पीड़ित या उनके प्रतिनिधि थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों को फोन करते हैं, तो फोन तक रिसीव नहीं किया जाता। ऐसे में गंभीर उत्पीड़न और अत्याचार झेल रहे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।भीम आर्मी ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और हजारीबाग पुलिस प्रशासन से सवाल किया है कि जब पीड़ितों को न्याय पाने के लिए भटकना पड़े, तो ऐसे विशेष थानों का क्या औचित्य रह जाता है।संजय रविराज ने कहा कि दलित और आदिवासी समाज से जुड़े मामलों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता दिखाई जानी चाहिए। उन्होंने हजारीबाग पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले में तत्काल संज्ञान लेने, लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।मामले को लेकर जिले में चर्चा तेज हो गई है और अब लोगों की नजर प्रशासन की प्रतिक्रिया और संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई है।