भवनाथपुर प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों बाजारों और किराना दुकानों में इलेक्ट्रिक तराजू के जरिए उपभोक्ताओं को कथित तौर पर ठगे जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई दुकानदार इलेक्ट्रॉनिक तराजू का इस्तेमाल कर ग्राहकों को कम तौल कर सामान दे रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार कई दुकानों में 1 किलो सामान के बदले केवल 850 से 900 ग्राम तक ही सामग्री दी जा रही है  जबकि ग्राहकों से पूरा पैसा वसूला जा रहा है। दाल  चावल  चीनी  तेल मसाले  फल और सब्जियों की खरीदारी में सबसे अधिक शिकायतें सामने आई हैं।

उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि प्रतिदिन 100 से 150 ग्राम तक कम सामान दिया जाए तो महीने भर में लोगों को कई किलो तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है। लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ दुकानदार इसी तरीके से रोजाना अतिरिक्त मुनाफा कमा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि कई इलेक्ट्रिक तराजू बिना सरकारी सत्यापन मुहर के संचालित किए जा रहे हैं। नियमों के अनुसार हर वर्ष माप-तौल विभाग द्वारा इलेक्ट्रॉनिक तराजू की जांच और सत्यापन अनिवार्य है  लेकिन लंबे समय से इस दिशा में कोई विशेष अभियान नहीं चलाया गया है।

ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि प्रखंड क्षेत्र के सभी बाजारों और दुकानों में विशेष जांच अभियान चलाकर इलेक्ट्रिक तराजू की जांच कराई जाए और दोषी दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

इस मामले में पूछे जाने पर पशुपति नाथ मिश्रा ने कहा कि पूरे मामले की जांच वेट एंड मेजर माप-तौल  विभाग से कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा  उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।