हजारीबाग झारखंड में बेहतर और हाईटेक स्वास्थ्य सुविधाओं के सरकारी दावों के बीच हजारीबाग के सबसे बड़े अस्पताल शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल SBMCH की बदहाल व्यवस्था ने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल परिसर से सामने आई तस्वीरों और अंदरूनी जानकारी के अनुसार यहां मरीजों की जिंदगी बचाने वाली 108 एंबुलेंस खुद धक्के के सहारे चलने को मजबूर हैं।जानकारी के मुताबिक अस्पताल में तैनात कई एंबुलेंस की बैटरियां पूरी तरह जवाब दे चुकी हैं। हालत यह है कि ड्राइवर और कर्मी आपातकालीन सेवा वाली गाड़ियों को पीछे से धक्का मारकर स्टार्ट करते दिखाई दे रहे हैं। इस स्थिति ने स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों और रखरखाव व्यवस्था की पोल खोल दी है।मामले को लेकर सांसद मीडिया प्रभारी रंजन चौधरी ने अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का खामियाजा गरीब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। उनके अनुसार अस्पताल की वास्तविक स्थिति सरकारी दावों से बिल्कुल अलग है।सूत्रों के अनुसार जिले में कुल करीब 35 आपातकालीन 108 एंबुलेंस संचालित हैं लेकिन इनमें से 20 से अधिक एंबुलेंस की बैटरियां खराब बताई जा रही हैं। कई वाहन तकनीकी खराबी के कारण नियमित रूप से प्रभावित हो रहे हैं।स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि अगर किसी गंभीर मरीज को ले जाते समय रास्ते में एंबुलेंस बंद हो जाए तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से तत्काल व्यवस्था सुधारने और सभी एंबुलेंस को दुरुस्त करने की मांग की है।यह मामला सामने आने के बाद जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है। अब लोगों की नजर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी हुई है।