अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर निरसा योगमय
अंतरराष्ट्रीय
योग दिवस के अवसर पर शनिवार को निरसा और आसपास का पूरा क्षेत्र योगमय नजर आया।
कोयलांचल के गांवों कस्बों सरकारी
एवं गैर-सरकारी संस्थानों स्कूलों
और सार्वजनिक स्थलों पर योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें
बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया। निरसा
प्रखंड के एग्यारकुंड प्रखंड परिसर डीवीसी स्टेशन क्लब तथा चिरकुंडा नगर भवन में विशेष योग शिविर
आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि प्रशासनिक
अधिकारी सामाजिक कार्यकर्ता शिक्षक छात्र-छात्राएं
एवं आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। योग
प्रशिक्षकों के निर्देशन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन
प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। इस दौरान लोगों को योग के
शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक लाभों की जानकारी
दी गई। सभी ने नियमित योग करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प
लिया। कार्यक्रम
को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली है। योग
व्यक्ति को तनावमुक्त स्वस्थ
और सकारात्मक बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आज पूरी दुनिया भारत की
इस प्राचीन परंपरा को अपना रही है। इस
अवसर पर प्रमुख संगीता महतो अंचलाधिकारी कृष्ण कुमार मरांडी योग प्रशिक्षक मधु सिंह
पूर्व अध्यक्ष डब्लू बाउरी तथा प्रोफेसर
आर.बी. साहू ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए
लोगों से इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। दिसंबर
2014 में संयुक्त राष्ट्र
महासभा ने भारत के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित
किया था। इसके बाद से हर वर्ष विश्वभर में इस दिन योग दिवस मनाया जाता है। 21
जून वर्ष का सबसे लंबा दिन माना जाता है
और योग परंपरा में इसका विशेष महत्व है। निरसा
में आयोजित योग दिवस कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवन मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच का
संदेश दिया गया। पूरे क्षेत्र में उत्साह और जागरूकता का माहौल देखने को मिला।21 जून को ही क्यों मनाया जाता है योग दिवस?














