साहेबगंज की निहारिका ने UPSC में 365वीं रैंक हासिल की
साहेबगंज देश की सबसे प्रतिष्ठित
और कठिन प्रतियोगी परीक्षा यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन UPSC में
365वीं रैंक हासिल करने के बाद सोमवार को जब निहारिका सिन्हा
राजधानी ट्रेन से साहेबगंज पहुंचीं
तो उनका भव्य स्वागत किया गया। रेलवे
स्टेशन पर परिजनों दोस्तों
रिश्तेदारों स्थानीय लोगों सहकर्मियों और समाजसेवियों ने बैंड बाजे के साथ उनका अभिनंदन किया।स्टेशन से निकलने के बाद
निहारिका कृष्णानगर स्थित बड़ी दुर्गा मंदिर पहुंचीं। बताया जाता है कि वर्षों
पहले इसी मंदिर में उन्होंने उपायुक्त बनने का संकल्प लिया था। इसके बाद वे बड़े
बजरंगबली मंदिर भी पहुंचीं और पूजा अर्चना
कर आशीर्वाद लिया। साथ ही मोहल्ले के बुजुर्गों से भी आशीर्वाद प्राप्त किया।अपने
आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में निहारिका ने अपनी सफलता का मंत्र साझा किया।
उन्होंने बताया कि मई 2024 से उनकी यूपीएससी की तैयारी की यात्रा शुरू हुई और दूसरे
प्रयास में उन्हें 365वीं रैंक हासिल हुई।उन्होंने कहा कि इस सफलता में स्कूल से
लेकर ग्रेजुएशन तक के शिक्षकों और परिवार का बड़ा योगदान रहा। माता-पिता ने हमेशा
उनका हौसला बढ़ाया और कभी भी तनाव नहीं दिया।निहारिका ने कहा कि यूपीएससी की
तैयारी के लिए ऑनलाइन काफी स्टडी मैटेरियल उपलब्ध है जिसका छात्र लाभ उठा
सकते हैं। यदि 3-4 बार असफलता मिलती है तो बैकअप प्लान भी तैयार रखना चाहिए। जिस
विषय में सबसे अधिक पकड़ हो
उसी को ऑप्शनल विषय के रूप में चुनना
चाहिए।उन्होंने बताया कि उनका ऑप्शनल विषय पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल रिलेशन था।
तैयारी के दौरान सबसे पहले सिलेबस को अच्छी तरह समझना चाहिए उसके बाद खुद रिसर्च
और सेल्फ स्टडी पर ध्यान देना चाहिए।निहारिका ने बताया कि वह प्रतिदिन 8 से 12 घंटे तक सेल्फ स्टडी
करती थीं और सोशल मीडिया व मोबाइल का उपयोग केवल पढ़ाई से जुड़े डिजिटल मैटेरियल
देखने के लिए करती थीं।उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बेटियों की शिक्षा पर
विशेष ध्यान दें।निहारिका के पिता निरंजन सिन्हा ने कहा कि बेटी की सफलता पर
उन्हें बेहद गर्व है। वहीं मां शबनम कुमारी ने कहा कि बेटी उनके घर की लक्ष्मी है
और बचपन से ही बहुत मेधावी और मेहनती रही है।निहारिका के साहेबगंज पहुंचने पर नव
निर्वाचित नगर परिषद अध्यक्ष रामनाथ पासवान और वार्ड पार्षदों ने उनके आवास
पहुंचकर शुभकामनाएं दीं।महिला चिकित्सक डॉ. स्नेहलता ने कहा कि सीमित संसाधनों के
बावजूद निहारिका ने अपने परिश्रम और दृढ़ निश्चय से यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित
परीक्षा में सफलता हासिल कर साहेबगंज के युवाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण पेश किया
है।















