हजारीबाग शहर के हुरहुरु स्थित कैंटोनमेंट मौजा की करीब 50 डिसमिल बहुमूल्य खास महल भूमि को लेकर रविवार को उस समय हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब अवैध कब्जे की सूचना पर सदर अंचल अधिकारी सीओ मौके पर पहुंचे और वहां मौजूद पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक योगेंद्र साव से उनकी तीखी बहस हो गई। दोनों पक्षों ने जमीन पर अपने अपने दावे और तर्क रखे जबकि प्रशासन ने फिलहाल दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही है।प्रशासन के अनुसार, शिकायत मिली थी कि खास महल की जमीन को बांस डंडे और पत्तों से घेरकर बाहर से छिपाने की कोशिश की गई है। मौके पर बालू गिराया गया था और एक हाइवा ट्रक भी खड़ा था। आरोप है कि अंदर बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए गड्ढा खोदने की तैयारी चल रही थी।सदर सीओ ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी हटाने और काम रोकने का निर्देश दिया। इसी दौरान पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनके बीच तीखी नोक झोंक हो गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सीओ ने कहा कि अवैध अतिक्रमण हटाना होगा और पूछा कि आप यह बांस डंडा हटाएंगे या मैं हटाऊं इस पर योगेंद्र साव ने आपत्ति जताते हुए कहा कि पहले दस्तावेज देखे जाएं और बिना जांच के किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाए। उन्होंने कहा कि यदि कागजात गलत साबित होते हैं तो वे स्वयं घेराबंदी हटवा देंगे।मीडिया से बातचीत में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने दावा किया कि संबंधित भूमि मूल रूप से निजी स्वामित्व वाली है और इसके धारक द्वारा उन्हें एग्रीमेंट एवं पावर ऑफ अटॉर्नी दिया गया है। उन्होंने कहा कि जमीन का रिन्यूअल आवेदन संबंधित विभाग में लंबित है और जब तक सरकार इसे विधिवत रिज्यूम वापस अधिग्रहित नहीं करती तब तक इसे सरकारी भूमि नहीं माना जा सकता। उनके अनुसार उनके पास सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं।प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2023 और 2024 में भी इसी भूमि पर कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है। सदर सीओ ने बताया कि वर्तमान जिला प्रशासन सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है।हालांकि मौके पर विवाद बढ़ने के बाद सीओ ने योगेंद्र साव को शाम 4 बजे अंचल कार्यालय में सभी मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए बुलाया है ताकि रिकॉर्ड और कानूनी स्थिति की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जा सके।फिलहाल पूरे मामले में दस्तावेजों की जांच और प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद ही भूमि के स्वामित्व एवं कब्जे की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।