गढ़वा श्री बंशीधर नगर प्रखंड के हलीवंता पंचायत अंतर्गत पतहरिया खुर्द स्थित आदिवासी बहुल झरनवा टोला में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित इस टोले में करीब 20 घरों के लोग आज भी गंदा और संदिग्ध पानी पीने को मजबूर हैं।ग्रामीणों का कहना है कि जिस कुएं के पास जलमीनार स्थापित है उसी कुएं का पानी गंदा है। ऐसे में लोगों को स्वच्छ पानी मिलने के बजाय बीमारी का खतरा बढ़ता जा रहा है।ग्रामीणों के अनुसार कुंबा ग्राम स्थित डैम से जलापूर्ति की योजना बनाई गई थी लेकिन यह योजना जमीनी स्तर पर पूरी तरह विफल साबित हो रही है।कुछ घरों तक कभी कभार पानी पहुंचता है जबकि कई घरों में महीनों से पानी की सप्लाई बंद है।टोले में लगाया गया जलमीनार भी केवल कुछ घरों तक ही पानी पहुंचा पा रहा है। करीब 20 घर आज भी इससे वंचित हैं। ग्रामीणों ने जल वितरण में मनमानी का आरोप लगाया है।फ्लोराइड युक्त और गंदा पानी पीने से बच्चों और बुजुर्गों में दांत एवं हड्डियों से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि कई लोगों में इसके लक्षण दिखने लगे हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर मिर्धा ने कहा कि उन्हें इस समस्या की जानकारी नहीं थी। अब मामला सामने आने के बाद जल्द जांच कराकर समुचित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।