दुमका जिले के रानीश्वर अंचल क्षेत्र में इन दिनों अवैध पेड़ कटाई का मामला तेजी से सामने आ रहा है। सालतोला और दक्षिण जोल पंचायत के जंगलों तथा रैयती भूमि पर लगे हरे भरे पेड़ों को लकड़ी माफिया खुलेआम काट रहे हैं लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।स्थानीय लोगों के अनुसार वन विभाग द्वारा लगाए गए फलदार और सोनाझुरी के पेड़ों को पेट्रोल से चलने वाली मशीनों के जरिए कुछ ही मिनटों में काटकर गिरा दिया जा रहा है। इसके बाद इन लकड़ियों को बिना नंबर प्लेट वाले चारपहिया वाहनों में लादकर सीमावर्ती राज्य पश्चिम बंगाल में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है।ग्रामीणों और बुद्धिजीवियों का कहना है कि यह सब कुछ दिनदहाड़े हो रहा है फिर भी प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। उनका आरोप है कि इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई के बावजूद कोई रोक थाम या कार्रवाई नहीं की जा रही जो बेहद चिंताजनक है।इस अवैध कटाई से न केवल पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है बल्कि वन संपदा की भी भारी क्षति हो रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर इस अवैध धंधे पर रोक लगाने की मांग की है।