रानीश्वर प्रखंड अंतर्गत मोहलबना पंचायत के कदमा गांव में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां पति के जीवित रहते छह महिलाओं द्वारा विधवा पेंशन का लाभ उठाए जाने का खुलासा हुआ है। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने संबंधित लाभुकों पर सख्त रुख अपनाया है।रानीश्वर बीडीओ श्री राजेश कुमार सिन्हा द्वारा कदमा गांव में विधवा पेंशन प्राप्त कर रही छह लाभुकों का भौतिक सत्यापन किया गया। सत्यापन के दौरान सभी लाभुकों के पति भी मौके पर जीवित अवस्था में उपस्थित पाए गए।जिन लाभुकों का सत्यापन किया गया उनमें बुलूवाला दासी पति प्रियानाथ मंडल मालती मुर्मू  पति रोविन सोरेन चुड़की मुर्मू  पति युगू मुर्मू रेखा गोराई पति सीताराम गोराई सुकुरमुनी सोरेन पति गोपाल हांसदा और सुमिदा दत्ता  पति गोकुल दत्ता  शामिल हैं।प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा जब लाभुकों से यह पूछा गया कि पति के जीवित रहते विधवा पेंशन का लाभ कैसे और क्यों लिया जा रहा है, तो किसी भी लाभुक या उनके पति द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।उल्लेखनीय है कि हाल ही में उपायुक्त दुमका के निर्देश पर पंचायत स्तर पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का सोशल ऑडिट कराया गया था। इसी दौरान मोहलबना पंचायत में ऐसे कुल 14 लाभुकों की पहचान हुई थी जिन्होंने 8–9 वर्ष पहले गलत तरीके से विधवा पेंशन स्वीकृत कराकर अब तक लाभ लिया है।इसी क्रम में कदमा गांव के छह लाभुकों का भौतिक सत्यापन किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन सभी लाभुकों को प्रखंड स्तर से राशि की वसूली हेतु नोटिस निर्गत किया जाएगा और उसके बाद अग्रतर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।