देवघर चितरा कोलियरी एरिया कार्यालय में पूर्व विधायक रणधीर सिंह और ईसीएल प्रबंधन के बीच हुई मैराथन वार्ता के बाद मजदूरों और विस्थापितों के पक्ष में बड़ा फैसला सामने आया है। ट्रेड यूनियनों के दबाव और रणधीर सिंह के कड़े रुख के आगे प्रबंधन को कई मुद्दों पर झुकना पड़ा।बैठक में सबसे अहम मुद्दा मजदूरों के लंबित प्रमोशन का रहा। प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि अप्रैल माह के अंत तक सभी पात्र मजदूरों के पदोन्नति आदेश जारी कर दिए जाएंगे।इसके अलावा अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर भी सहमति बनी। प्रबंधन द्वारा पुरानी हाजिरी प्रणाली में बदलाव के प्रयास का मजदूरों ने विरोध किया, जिसके बाद फैसला लिया गया कि अटेंडेंस रजिस्टर पहले की तरह ही जारी रहेगा।विस्थापितों के मुद्दे पर रणधीर सिंह ने साफ चेतावनी दी कि दमगढ़ा, बरमरिया दूधीचुवां और जमनीटांड की जमीन पर बिना नौकरी और मुआवजा दिए सड़क निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। इस पर मौजूद विस्थापितों ने भी समर्थन जताया।बैठक में क्षेत्र के विकास को लेकर भी चर्चा हुई। मिलियन टन प्रोजेक्ट को जल्द स्वीकृति दिलाने की मांग उठाई गई वहीं गिरजा में बंद पड़े कोल ऑफर को अगले महीने से फिर शुरू करने पर भी सहमति बनी।इस मौके पर एसपी माइन्स के महाप्रबंधक भूमि एवं पर्सनल विभाग के अधिकारी ट्रेड यूनियन के नेता और बड़ी संख्या में विस्थापित व मजदूर मौजूद रहे।रणधीर सिंह ने कहा कि मजदूरों और विस्थापितों के हक की लड़ाई जारी रहेगी और हर हकदार को उसका अधिकार दिलाया जाएगा।