बोकारो 09 अप्रैल 2026 बोकारो स्टील प्लांट निर्माण में विस्थापित हुए लोगों के हक और अधिकार को लेकर अब आंदोलन तेज होता नजर आ रहा है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने बोकारो पहुंचकर इस मुद्दे को जन आंदोलन बनाने की शुरुआत कर दी है।नया मोड़ स्थित बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्होंने आंदोलन की औपचारिक शुरुआत की। इस दौरान विस्थापितों और भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया।चंपई सोरेन ने कहा कि यह आंदोलन विस्थापितों के बैनर तले ही चलाया जाएगा और इसकी अगुवाई भी विस्थापित ही करेंगे जबकि वे स्वयं इसका नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि लाखों की संख्या में लोग इस आंदोलन से जुड़ेंगे और खाली पड़ी जमीन पर हल जोतकर अपना अधिकार जताएंगे।उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विस्थापितों के प्रति सरकार की जवाबदेही बनती है लेकिन आज तक उन्हें न्याय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण के नियमों के अनुसार यदि 5 वर्षों तक जमीन का उपयोग नहीं होता है तो उसे वापस किया जाना चाहिए लेकिन 60 साल बीत जाने के बावजूद विस्थापितों को उनका हक नहीं मिला।पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बोकारो की धरती आंदोलन की रही है और यहां से कई नेता उभरे हैं लेकिन विस्थापितों की समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। उन्होंने जल्द ही आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर बड़े स्तर पर इसे आगे बढ़ाने की बात कही।