देवघर में रक्तवीरों की मिसाल
देवघर को आस्था और
समर्पण की नगरी कहा जाता है और यहां सेवा भाव की ऐसी ही मिसाल एक
बार फिर देखने को मिली। समीर मिश्रा और उनकी टीम पिछले 10 वर्षों से जरूरतमंद लोगों को रक्त
उपलब्ध कराकर मानवता की सेवा कर रहे हैं।हाल ही में सरवा महतोडी निवासी कुंदन
शर्मा 25 अप्रैल को हंसडीहा
रोड के कोठिया के पास सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। डॉक्टरों के
अनुसार उनकी स्थिति गंभीर थी और इलाज के लिए दुर्लभ O नेगेटिव रक्त की तत्काल आवश्यकता थी।इस
मुश्किल घड़ी में समीर मिश्रा और उनकी टीम आगे आई और तुरंत O नेगेटिव रक्त की व्यवस्था कर घायल कुंदन
शर्मा की मदद की। बताया जा रहा है कि उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उनका एक हाथ
काटना पड़ सकता है लेकिन समय पर रक्त मिलने से इलाज संभव हो पाया।समीर मिश्रा और
उनकी टीम अब तक हजारों जरूरतमंद लोगों को रक्त उपलब्ध करा चुके हैं और स्वयं भी कई
बार रक्तदान कर चुके हैं। उनका कहना है कि रक्तदान महादान है
और हर व्यक्ति को
जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।रक्तदाताओं ने भी लोगों से अपील की कि वे
नियमित रूप से रक्तदान करें क्योंकि एक यूनिट रक्त किसी की जिंदगी
बचा सकता है।यह पहल न सिर्फ मानवता की मिसाल है बल्कि समाज के लिए प्रेरणास्रोत भी है।














