नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने कई अहम जानकारियां साझा की हैं। डोभाल ने ऑपरेशन के पीछे की रणनीति, लक्ष्य और खुफिया एजेंसियों की भूमिका पर बात करते हुए कहा कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी जोखिम उठाने और जरूरत पड़ने पर आतंकवाद के खिलाफ कड़ा प्रहार करने से पीछे नहीं हटेगा।

पहलगाम हमले के बाद PM मोदी ने लिया बड़ा फैसला

डोभाल के मुताबिक, 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तत्काल स्थिति की जानकारी ली। हमले में 26 लोगों की जान गई थी।

डोभाल ने बताया कि प्रधानमंत्री अपनी विदेश यात्रा बीच में छोड़कर भारत लौटे और एयरपोर्ट पर ही अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने हमले से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली और यह जानना चाहा कि हमले के पीछे कौन था।

इसके बाद आतंकवादियों को खोज निकालने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया।

पहले ही तय कर लिया गया था ऑपरेशन का लक्ष्य

NSA अजीत डोभाल के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर शुरू करने से पहले ही भारत ने इसके उद्देश्य को स्पष्ट कर लिया था। कार्रवाई का मुख्य लक्ष्य पहलगाम हमले से जुड़े आतंकी ढांचे और ठिकानों को निशाना बनाना था।

भारत ने 7 मई 2025 को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकी ढांचे के खिलाफ सटीक सैन्य कार्रवाई की थी।

‘भारत की सहनशीलता को कमजोरी न समझें’

डोभाल ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने तक सीमित नहीं था। इसके जरिए भारत ने अपनी सैन्य क्षमता और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति का भी संदेश दिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की उदारता और सहनशीलता को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर देश अपनी सुरक्षा के लिए जोखिम उठाने और कड़ा जवाब देने में सक्षम है।

खुफिया एजेंसियों ने निभाई अहम भूमिका

ऑपरेशन सिंदूर की तैयारी में भारतीय खुफिया एजेंसियों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। डोभाल के मुताबिक, एजेंसियों ने कम समय में हमले के जिम्मेदार लोगों और उनसे जुड़े ठिकानों की पहचान करने में अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने इसे भारत की बढ़ती तकनीकी, खुफिया और सैन्य क्षमताओं का उदाहरण बताया।

डॉक्यूमेंट्री में सामने आए ऑपरेशन के अनुभव

ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित दो हिस्सों की डॉक्यूमेंट्री में सुरक्षा और सैन्य नेतृत्व से जुड़े अधिकारियों के अनुभव भी शामिल किए गए हैं। इन अनुभवों के जरिए ऑपरेशन की योजना, खुफिया इनपुट और कार्रवाई से जुड़े कई पहलुओं को सामने लाया गया है।

ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने यह संदेश देने की कोशिश की कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के लिए देश अपनी सुरक्षा से जुड़े फैसलों में आवश्यक जोखिम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।