रांची:  झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलन के बीच अब प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। छात्रों ने रविवार को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का पुतला दहन करने का ऐलान किया है।

इसके साथ ही प्रदर्शनकारी छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव की घोषणा की है। छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार की ओर से अब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

23वें दिन भी जारी है छात्रों का आंदोलन

रांची में छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का आंदोलन रविवार को 23वें दिन भी जारी रहा। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आंदोलनकारी छात्रों ने रांची में तिरंगा यात्रा भी निकाली थी, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी भर्ती परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार की मांग को लेकर है।

मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं कर रही है। इसी वजह से अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग की जा रही है।

JSSC-JPSC रिफॉर्म मंच के नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि छात्र 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। उन्होंने सरकार पर छात्रों की मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही।

राहुल गांधी का पुतला जलाने का ऐलान

छात्र नेताओं ने रविवार को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में राहुल गांधी का पुतला दहन करने की घोषणा की है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कांग्रेस और झामुमो गठबंधन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है।

रविंद्र पासवान ने यह भी कहा कि अगर मुख्यमंत्री छात्रों की मांग नहीं सुन रहे हैं तो राहुल गांधी को झामुमो नीत गठबंधन से समर्थन वापस लेने की मांग करनी चाहिए।

परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग

आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में कथित तौर पर अनियमितता वाली परीक्षाओं को रद्द करना और भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराना शामिल है।

छात्रों ने मांग की है कि कथित गड़बड़ियों की जांच CBI या झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से कराई जाए। जेएसएससी-जेपीएससी रिफॉर्म मंच ने संदिग्ध मानी जा रही JSSC-CGL और कुछ JPSC परीक्षाओं को रद्द करने की भी मांग की है।

देवेंद्र नाथ महतो भी अनशन पर

जानकारी के अनुसार, जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले 15 दिनों से अनशन पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें आंदोलन में शामिल होने से रोकने के लिए पुलिस ने सदर अस्पताल से बाहर निकलने से रोका।

इस बीच सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प दिखाई दे रही है। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

भर्ती व्यवस्था में बदलाव तक आंदोलन जारी रखने का दावा

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों के मुताबिक, यह लड़ाई केवल एक परीक्षा को लेकर नहीं बल्कि भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ी हुई है।

अब 20 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव को लेकर प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर रहेगी।