नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से देश को संबोधित करने के बाद स्कूली बच्चों से मुलाकात कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विकसित भारत 2047, युवाओं और आत्मनिर्भर भारत पर विशेष जोर दिया। भाषण के बाद जब उनका काफिला वापस लौट रहा था, तभी उन्होंने बच्चों को देखकर रुकने का फैसला किया।

भाषण के बाद बच्चों से मिलने रुके पीएम मोदी

15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्कूली बच्चों से मुलाकात की। बताया गया कि जैसे ही प्रधानमंत्री का भाषण समाप्त हुआ, तिरंगे के रंगों से सजे कपड़ों में मौजूद बच्चों का एक समूह उनके पास पहुंचा।

प्रधानमंत्री बच्चों से बातचीत करने के लिए रुके और कई बच्चों से हाथ मिलाया। इस दौरान बच्चों में भी प्रधानमंत्री से मिलने को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। स्वतंत्रता दिवस के भव्य समारोह के बीच बच्चों के साथ प्रधानमंत्री की यह आत्मीय मुलाकात आकर्षण का केंद्र रही।

2047 के विकसित भारत का रखा विजन

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और देशवासियों को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का विजन सामने रखा।

प्रधानमंत्री ने युवाओं और बच्चों को देश के भविष्य का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए उनसे विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की। उन्होंने स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर भी जोर दिया।

स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद बच्चों के साथ प्रधानमंत्री का यह सहज अंदाज सोशल मीडिया और कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना।