बिना गैस-बिजली 10 मिनट में बनेगी चाय-नूडल्स, औरंगाबाद के इंटर छात्र सागर ने बनाया कमाल का सिपजो डिवाइस
औरंगाबाद: सफर के दौरान अगर चाय, कॉफी या नूडल्स खाने का मन हो और आसपास न गैस मिले, न बिजली और न ही लकड़ी, तो अब इसका एक नया समाधान सामने आया है। औरंगाबाद के हसपुरा प्रखंड के श्री भास्कर नगर निवासी इंटर द्वितीय वर्ष के छात्र सागर कुमार ने एक ऐसा डिवाइस तैयार किया है, जिसके जरिए बिना गैस और बिजली के गर्मी पैदा कर खाद्य पदार्थ और पेय तैयार किए जा सकते हैं। सागर ने अपने इस डिवाइस का नाम 'सिपजो' रखा है। टिफिन के आकार के इस उपकरण में रासायनिक प्रक्रिया के जरिए गर्मी पैदा होती है। सागर के अनुसार, इसके जरिए करीब 10 मिनट में पानी को लगभग 100 डिग्री सेल्सियस तक गर्म किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल चाय, कॉफी, नूडल्स समेत अन्य खाद्य पदार्थ तैयार करने या गर्म करने में किया जा सकता है। सागर के मुताबिक, इस तकनीक का पेटेंट भी कराया जा चुका है। सागर ने बताया कि सिपजो को ऐसी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जहां खाना या पेय पदार्थ गर्म करने के लिए गैस अथवा बिजली उपलब्ध नहीं होती। इसका इस्तेमाल यात्रा, हॉस्टल, कार्यस्थल और आपदा या आपातकालीन परिस्थितियों में किया जा सकता है। शुरुआती मॉडल का 100 से अधिक लोगों के बीच प्रत्यक्ष ग्राहक परीक्षण भी किया जा चुका है। सागर अब अपने डिवाइस को और बेहतर, सुरक्षित और उपयोगी बनाने पर काम कर रहे हैं। उनके स्टार्टअप का चयन IIT पटना, AIC नालंदा Incubation Foundation और महाराष्ट्र के MTR विश्वविद्यालय से जुड़े स्टार्टअप एवं नवाचार कार्यक्रमों में हुआ है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सागर को आगे के अनुसंधान, तकनीकी मार्गदर्शन और उद्यम विकास में सहयोग मिलने की उम्मीद है। सागर के पिता महेश कुमार बताते हैं कि उनका बेटा बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहा है और नई चीजें बनाने तथा प्रयोग करने में उसकी खास रुचि रही है। परिवार भी उसके प्रयोगों में पूरा सहयोग करता है। सागर का कहना है कि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें बेहतर तकनीकी मार्गदर्शन, अनुसंधान की सुविधाएं और बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने की है। फिलहाल पढ़ाई के साथ तकनीक और स्टार्टअप की दुनिया में कदम रखने वाले सागर का 'सिपजो' स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।बिना गैस-बिजली के गर्म होगी चीजें
यात्रा से लेकर इमरजेंसी तक उपयोग
IIT पटना समेत कई संस्थानों से जुड़ा स्टार्टअप
छोटे शहरों के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं















