पाकुड़ में जलस्रोतों पर अवैध कब्जे के खिलाफ सख्त कार्रवाई भू माफियाओं में बेचैनी
पाकुड़ जिले में सरकारी और रैयती तालाबों नदियों नालों
तथा अन्य जलस्रोतों पर बढ़ते अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई
की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत
सोरेन के स्पष्ट निर्देश के बाद प्रशासन जलस्रोत क्षेत्रों में किए
गए अवैध कब्जों की पहचान और कार्रवाई की दिशा में सक्रिय हो गया है। 29 मई 2026 को आयोजित शहरी विकास एवं आवास विभाग की
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि
जलस्रोत क्षेत्रों पर किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को तत्काल चिन्हित कर हटाया
जाए। उन्होंने कहा कि तालाब नदियां डैम नाले और अन्य जलस्रोतों को भरकर मकान या
अन्य निर्माण करना कानून का उल्लंघन है और इससे पर्यावरण तथा भविष्य की जल सुरक्षा
पर गंभीर खतरा उत्पन्न होता है। सरकार के निर्देश के अनुसार जलस्रोत
क्षेत्रों में बने अवैध मकानों और अन्य संरचनाओं का विस्तृत सर्वे कराया जाएगा।
अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया जाएगा और निर्धारित समय के भीतर कब्जा नहीं
हटाने पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन को ऐसे मामलों में
आवश्यकतानुसार अवैध निर्माण हटाने का भी निर्देश दिया गया है। पाकुड़ जिले में लंबे समय से तालाबों और
जलस्रोतों को भरकर मकान निर्माण भूखंडों
की खरीद-बिक्री तथा अतिक्रमण की शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का
कहना है कि कई स्थानों पर जलस्रोतों का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद ऐसे
मामलों की जांच और कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है जिससे
अवैध कब्जाधारियों और भू-माफियाओं में बेचैनी देखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने आम लोगों से भी अपील की
है कि वे जलस्रोतों पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण न करें और प्राकृतिक
संसाधनों के संरक्षण में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि झारखंड की प्रकृति पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के
भविष्य की रक्षा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जलस्रोतों
पर कब्जा कर बनाए गए अवैध निर्माणों के खिलाफ आने वाले दिनों में व्यापक अभियान
चलाया जा सकता है। ऐसे मामलों में एफआईआर अतिक्रमण
हटाने की कार्रवाई और अन्य कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।मुख्यमंत्री ने दिए
कड़े निर्देश
होगा सर्वे, जारी होंगे नोटिस
पाकुड़ में कई
शिकायतें
पर्यावरण संरक्षण पर
जोर
अवैध कब्जाधारियों के
लिए चेतावनी














