जामताड़ा  जिले के महिला संध्या कॉलेज से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कॉलेज का बोनाफाइड सर्टिफिकेट कथित तौर पर एक पकौड़ी दुकान में उपयोग होते हुए दिखाई दे रहा है। घटना के सामने आने के बाद दस्तावेजों की सुरक्षा और व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप

जानकारी के अनुसार  वीडियो बनाने वाले सारथी गौतम ने दावा किया है कि पकौड़ी दुकान में इस्तेमाल किए जा रहे कागज पर जामताड़ा महिला संध्या कॉलेज का बोनाफाइड सर्टिफिकेट छपा हुआ था।

बताया जा रहा है कि दस्तावेज में छात्रा का नाम  पिता का नाम  आधार संख्या  फोटो और अन्य व्यक्तिगत जानकारियां दर्ज थीं।

डेटा सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना ने कॉलेज प्रशासन की दस्तावेज सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि कॉलेज अभिलेखों से जुड़ा संवेदनशील दस्तावेज सार्वजनिक स्थान तक कैसे पहुंचा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि दस्तावेज लापरवाहीवश फेंका गया  कबाड़ के रूप में बेचा गया या किसी अन्य माध्यम से बाहर पहुंचा।

पहचान चोरी और धोखाधड़ी का खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार व्यक्तिगत जानकारी वाले दस्तावेजों का असुरक्षित निस्तारण गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे दस्तावेजों का दुरुपयोग कर पहचान चोरी  वित्तीय धोखाधड़ी या अन्य साइबर अपराधों को अंजाम दिया जा सकता है।

जांच और कार्रवाई की मांग

घटना के बाद छात्राओं अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

साथ ही शैक्षणिक संस्थानों में दस्तावेजों के सुरक्षित रखरखाव  रिकॉर्ड प्रबंधन और गोपनीय दस्तावेजों के निस्तारण की मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी उठ रही है।

कॉलेज प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

समाचार लिखे जाने तक कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। हालांकि मामला सामने आने के बाद यह मुद्दा जिले में चर्चा का विषय बन गया है।