जामताड़ा: जामताड़ा समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में मंगलवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे 45 से अधिक लोगों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें उपायुक्त के समक्ष रखीं। उपायुक्त ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। कई मामलों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के निष्पादन के लिए अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

जनता दरबार में भूमि विवाद, आपसी बंटवारा, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण, दखल-दिहानी, मुख्यमंत्री मईया सम्मान योजना, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका चयन, कंप्यूटर ऑपरेटर की पुनर्बहाली, राशन कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक खाता, चौकीदार नियुक्ति, मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना, आवास योजना तथा विद्यालयों में शिक्षकों की कमी सहित कई महत्वपूर्ण मामले सामने आए।

जनता दरबार में मुख्यमंत्री मईया सम्मान योजना से संबंधित शिकायतें प्रमुख रूप से उठीं। कई महिलाओं ने बताया कि सरकारी नौकरी या आयकरदाता होने का हवाला देकर उनका नाम योजना से हटा दिया गया है। इस पर उपायुक्त ने सभी मामलों की दोबारा जांच कराने का आश्वासन देते हुए कहा कि यदि किसी पात्र लाभुक का नाम बिना वैध कारण हटाया गया है तो उसे पुनः योजना से जोड़ा जाएगा।

इसी दौरान सुलेखा देवी ने योजना की राशि नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई। उपायुक्त के निर्देश पर तत्काल जांच कराई गई, जिसमें पता चला कि डीबीटी (DBT) प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण राशि खाते में नहीं पहुंच रही थी। जांच के बाद डीबीटी सक्रिय होने पर उनके खाते में तीन माह की 7,500 रुपये की राशि जमा होने की पुष्टि हुई। राशि मिलने के बाद महिला ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

भूमि विवाद और अतिक्रमण से जुड़े मामलों पर उपायुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए करमाटांड़ प्रखंड में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की तत्काल जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों को अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें तथा सभी कार्य नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने प्रशासनिक संवेदनशीलता, जवाबदेही और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष बल दिया।

उन्होंने बताया कि समाहरणालय में प्रत्येक मंगलवार सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक जनता दरबार का आयोजन किया जाता है, जहां जिले का कोई भी नागरिक अपनी समस्या सीधे उपायुक्त के समक्ष रख सकता है।