हजारीबाग शहर में एक मछली दुकान के विज्ञापन बोर्ड पर धार्मिक प्रतीकों के उपयोग को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। शहर के झील रोड और जिला स्कूल रोड के समीप लगे एक बैनर में     जय श्री राम  और भगवा ध्वज जैसे धार्मिक प्रतीकों के साथ दुकान का प्रचार किया गया है। इसे लेकर स्थानीय लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सनातन परंपरा में    धार्मिक ध्वज और भगवान के नाम को अत्यंत पवित्र माना जाता है। ऐसे प्रतीकों का व्यावसायिक उपयोग  विशेषकर मांस या मछली से जुड़े व्यवसाय में  कुछ लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकता है।

इसी मुद्दे को लेकर शहर के कुछ युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण पहल की है। उनका कहना है कि किसी प्रकार के विवाद या टकराव की बजाय वे संबंधित दुकानदारों से संवाद करेंगे और उन्हें धार्मिक प्रतीकों की गरिमा बनाए रखने का आग्रह करेंगे। युवाओं का सुझाव है कि दुकानों के प्रचार-प्रसार के लिए सामान्य व्यावसायिक बैनर का उपयोग किया जाए  जिसमें केवल दुकान का नाम  पता और संपर्क नंबर जैसी जानकारी हो।

हालांकि  इस संबंध में संबंधित दुकानदार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि बैनर में धार्मिक प्रतीकों का उपयोग जानबूझकर किया गया था या अनजाने में।

फिलहाल यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोग उम्मीद जता रहे हैं कि आपसी संवाद और समझदारी से इस विषय का समाधान निकलेगा तथा भविष्य में धार्मिक प्रतीकों के उपयोग को लेकर अधिक संवेदनशीलता बरती जाएगी।