पलामू: छतरपुर हाई स्कूल परिसर में आयोजित प्रार्थना सभा (असेम्बली) के दौरान विद्यार्थियों को नागरिक कर्तव्यों, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर गुलाबचंद प्रसाद अग्रवाल कॉलेज, सड़मा (छतरपुर) के प्राचार्य डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित किया।
विद्यार्थी जीवन से शुरू होती है जिम्मेदार नागरिक बनने की यात्रा
डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि "भारत हमारी माता है और हम सभी उसके संतान हैं।" उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि एक जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने की शुरुआत विद्यार्थी जीवन से ही होती है। प्रत्येक छात्र को अपने कर्तव्यों का पालन ईमानदारी, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए।
विद्यालय की संपत्ति को अपनी संपत्ति समझें
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि विद्यालय की प्रत्येक संपत्ति को अपनी संपत्ति समझें और उसकी सुरक्षा व संरक्षण करें। यदि कहीं कोई अव्यवस्था दिखाई दे तो उसे सुधारने और सुरक्षित रखने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि विद्यालय की किसी भी वस्तु को नुकसान पहुंचाना अनुचित है।
स्वच्छता, अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर
डॉ. सिंह ने कहा कि स्वच्छता, समयपालन, अनुशासन, सदाचार, आपसी सम्मान और पर्यावरण संरक्षण जैसे संस्कार ही एक आदर्श विद्यार्थी और जिम्मेदार नागरिक की पहचान हैं। इन मूल्यों को अपनाकर विद्यार्थी अपने व्यक्तित्व का बेहतर विकास कर सकते हैं।
राष्ट्र निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव विद्यालयों में ही रखी जाती है। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को अच्छे चरित्र, उच्च नैतिक मूल्यों और अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित होकर समाज और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने का संकल्प लेना चाहिए।














