नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने बड़ा बयान देते हुए लोगों से अपील की कि उन्हें इस आंदोलन का हीरो न बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि छात्रों, स्वयंसेवकों, संविधान और लोकतंत्र की जीत है।

'मुझे हीरो मत बनाइए'

अभिजीत दीपके ने कहा, "मैं एक जरूरी बात कहना चाहता हूं। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की वजह से मुझे हीरो मत बनाइए। एक व्यक्ति को हीरो बनाने की गलती देश पहले भी कर चुका है। यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हजारों छात्रों और वॉलंटियर्स का है।"

उन्होंने कहा कि पिछले 36 दिनों से आंदोलन में शामिल सभी छात्रों और स्वयंसेवकों को इस सफलता का श्रेय मिलना चाहिए।

'यह सिर्फ पहली जीत है'

दीपके ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा आंदोलन की "पहली जीत" है और अभी कई मांगें पूरी होना बाकी हैं।

उन्होंने कहा, "यह पहला विकेट है। हम यहीं नहीं रुकेंगे। यह तो सिर्फ शुरुआत है। अगर आप डरते नहीं हैं, तो लोकतंत्र में जीत सकते हैं।"

'लोकतंत्र में आवाज उठाना जरूरी'

CJP अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों को अपनी बात रखने से डरना नहीं चाहिए।

उन्होंने कहा, "जब लोग आवाज उठाते हैं, तभी सत्ता जवाबदेह बनती है। सरकार जनता की वजह से सत्ता में होती है, इसलिए लोकतांत्रिक तरीके से सवाल पूछना जरूरी है।"

बाकी मांगों पर भी आंदोलन जारी रहेगा

अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि इस्तीफे के बाद भी आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि संगठन की अन्य मांगों पर भी कार्रवाई जरूरी है।

उन्होंने कहा कि जिन छात्रों की मौत या आत्महत्या के मामले सामने आए हैं, उनके परिवारों को मुआवजा मिलना चाहिए। साथ ही, पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित ज्यादती के मामलों में भी उचित कार्रवाई की मांग की।

आशुतोष रांका ने क्या कहा?

कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यदि सरकार उनकी शेष मांगों पर लिखित आश्वासन देती है, तो संगठन आगे की रणनीति पर विचार करेगा।

उन्होंने बताया कि संगठन ने देशभर में शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकालने की अनुमति मांगी है और समर्थकों से निर्धारित समय पर इसमें शामिल होने की अपील की है।