छाताबाद भू-धंसान के चौथे दिन जागा BCCL, मलबे में दबे सामान को निकालने पहुंची रेस्क्यू टीम, उठे सवाल
बाघमारा: धनबाद के छाताबाद में हुए भू-धंसान के चौथे दिन BCCL की रेस्क्यू टीम प्रभावित स्थल पर पहुंची। घटना के बाद मलबे में दबे जरूरी सामान को निकालने की मांग कर रहे प्रभावित परिवारों को अब राहत की उम्मीद जगी है। सोमवार को BCCL की ओर से दर्जनों कर्मियों को मौके पर भेजा गया, जिन्होंने मलबे में दबे सामान को निकालने का काम शुरू किया। रेस्क्यू टीम ने प्रभावित परिवारों के घरों के मलबे के अंदर से जरूरी सामान बाहर निकालना शुरू किया। सामान मिलने के बाद परिवारों ने राहत की सांस ली। हालांकि, इसी के साथ राहत और बचाव कार्य में हुई देरी को लेकर BCCL की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठने लगे हैं। भू-धंसान के बाद कई परिवारों के घर और घरेलू सामान मलबे में दब गए थे। प्रभावित लोगों का कहना है कि घटना के तुरंत बाद यदि रेस्क्यू टीम पहुंचती तो कई जरूरी सामान को सुरक्षित निकाला जा सकता था। घटना के चार दिन बाद दर्जनों कर्मियों को रेस्क्यू के लिए भेजे जाने से प्रभावित परिवारों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि भू-धंसान के बाद उनके सामने घर और सामान बचाने की बड़ी चुनौती थी, लेकिन तत्काल राहत एवं बचाव की कार्रवाई नहीं हो सकी। छाताबाद भू-धंसान ने कई परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। घरों के क्षतिग्रस्त होने और जमीन धंसने के बाद प्रभावित परिवार सुरक्षित स्थान और भविष्य को लेकर चिंतित हैं। अब रेस्क्यू टीम के पहुंचने के बाद मलबे से जरूरी सामान निकालने का काम शुरू हो गया है। लेकिन प्रभावित लोगों के बीच सवाल बना हुआ है कि इतनी बड़ी घटना के बाद राहत और बचाव कार्य में चार दिन की देरी क्यों हुई? स्थानीय लोग अब केवल मलबे से सामान निकालने की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि स्थायी पुनर्वास, उचित मुआवजा और सुरक्षित भविष्य की भी मांग कर रहे हैं। प्रभावित परिवारों की नजर अब BCCL और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर है।














