हजारीबाग चमरगड्डा जंगल क्षेत्र में वन विभाग द्वारा चलाई जा रही विकास योजनाओं को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि करोड़ों रुपये की योजनाएं चल रही हैं  लेकिन उनके बारे में कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि योजना स्थलों पर अनिवार्य सूचना पट्ट (Information Board) तक नहीं लगाए गए हैं  जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि किस योजना पर कितना खर्च हो रहा है  कार्य कब शुरू हुआ और कब तक पूरा होना है। इस पारदर्शिता की कमी को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है।

स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि चौपारण वन क्षेत्र में कितनी योजनाएं चल रही हैं और उन पर सरकारी धन का वास्तविक उपयोग कहां और कैसे हो रहा है। उनका आरोप है कि जनता के टैक्स के पैसे से चलने वाली योजनाओं को जानबूझकर छिपाया जा रहा है  जिससे संदेह की स्थिति पैदा हो रही है।

ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि सभी योजनाओं का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए और हर योजना स्थल पर अनिवार्य रूप से सूचना पट्ट लगाया जाए  ताकि कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे।

लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो वे इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।