हजारीबाग नगर निगम की उदासीनता पर राहुल वाल्मीकि का फूटा गुस्सा
हजारीबाग में नगर निगम की उदासीन
कार्यप्रणाली को लेकर अधिवक्ता राहुल वाल्मीकि ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम के सफाई कर्मियों को पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला
है जिसके कारण उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। हालात ऐसे
हो गए हैं कि सफाई कर्मी अपने परिवार का भरण पोषण करने और रोजमर्रा की जरूरतों का सामान खरीदने में असमर्थ
हो रहे हैं। दुकानदारों द्वारा उधार देने से भी इनकार किया जा रहा है, जिससे उनकी स्थिति
दिन ब दिन बद से बदतर होती जा रही है।अधिवक्ता
राहुल वाल्मीकि ने कहा कि सफाई कर्मी ही नहीं बल्कि गरीब फुटपाथ
दुकानदारों को भी नगर निगम द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप
लगाया कि फुटपाथ दुकानदार
जो रोजाना 200–400 रुपये
कमा कर अपने परिवार का पेट पालते हैं
उन पर लगातार मनमाने तरीके से जुर्माना फाइन
लगाया जा रहा है। इससे वे कर्जदार बनने को मजबूर हो रहे हैं।उन्होंने यह भी बताया
कि नगर निगम द्वारा वर्षों पहले गरीब फुटपाथ दुकानदारों के लिए वेंडिंग जोन
चिन्हित किए गए थे लेकिन सालों बीत जाने के बावजूद आज तक वेंडिंग जोन बनाकर
उपलब्ध नहीं कराए गए। इसी कारण फुटपाथ दुकानदार सड़क किनारे दुकान लगाने को मजबूर
हैं। पूर्व नगर आयुक्त द्वारा केवल आश्वासन ही दिया गया लेकिन जमीनी स्तर पर
कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।अधिवक्ता राहुल वाल्मीकि ने कहा कि सफाई कर्मी और फुटपाथ
दुकानदार शहर के दो अहम स्तंभ हैं। यदि यही वर्ग परेशान रहेगा तो शहर की व्यवस्था
कैसे सुचारू रूप से चलेगी। उन्होंने नगर निगम से मांग की कि सफाई कर्मियों का
बकाया वेतन अविलंब भुगतान किया जाए और गरीब फुटपाथ दुकानदारों के लिए जल्द से जल्द
वेंडिंग जोन बनाकर उपलब्ध कराया जाए
ताकि वे सम्मानपूर्वक अपना रोजगार चला
सकें।














