बाघमारा के कतरास थाना से जुड़े एक कथित शिकायत पत्र को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। कतरास थाना में पदस्थापित एएसआई एस.के. चौबे के खिलाफ मुख्यमंत्री तक भेजी गई बताई जा रही शिकायत को अब फर्जी करार दिया जा रहा है। यह शिकायत छोटे दुकानदारों के नाम पर तैयार की गई थी जिसमें एएसआई पर दुकानदारों को परेशान करने धमकी देने झूठे केस में फंसाने और रात आठ बजे के बाद दुकानें जबरन बंद करवाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।जब यह शिकायत पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तब कतरास क्षेत्र के दुकानदारों को इसकी जानकारी मिली। इसके बाद दो दर्जन से अधिक छोटे दुकानदार एकत्रित हुए और स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने न तो मुख्यमंत्री से कोई शिकायत की है और न ही किसी पुलिस अधिकारी के खिलाफ कोई आवेदन दिया है। दुकानदारों का कहना है कि शिकायत पत्र में उनके नाम बिना जानकारी और अनुमति के लिख दिए गए हैं।मामले को और संदिग्ध बनाते हुए दुकानदारों ने बताया कि शिकायत पत्र में सब्जी बेचने वाली महिलाओं के भी नाम और हस्ताक्षर दर्ज हैं, जबकि संबंधित महिलाओं का कहना है कि वे हस्ताक्षर नहीं करतीं, बल्कि अंगूठा निशान लगाती हैं। ऐसे में शिकायत पत्र में हस्ताक्षर होना पूरे मामले को संदेह के घेरे में डालता है।दुकानदारों ने आशंका जताई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति या समूह द्वारा जानबूझकर फर्जी शिकायत तैयार कर दुकानदारों के नाम का दुरुपयोग किया गया है। दुकानदारों का कहना है कि सोशल मीडिया पर शिकायत वायरल होने के बाद ही उन्हें इस पूरे प्रकरण की जानकारी मिली।दुकानदारों ने यह भी स्पष्ट किया कि एएसआई एस.के. चौबे का व्यवहार उनके साथ हमेशा सामान्य और सहयोगात्मक रहा है और उन्होंने कभी किसी प्रकार की परेशानी नहीं दी। फिलहाल दुकानदारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों की पहचान हो सके।