मैराथन बनी मौत की दौड़
चाईबासा इंजीनियरिंग
कॉलेज में आयोजित युवा महोत्सव के दौरान आयोजित मैराथन दौड़ एक छात्र के लिए
जानलेवा साबित हो गई। बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र विक्रम टुडू उम्र 20 वर्ष की दौड़ के दौरान तबीयत बिगड़ने से
मौत हो गई। विक्रम टुडू ग्राम कनाटांड़ पोस्ट बिना गोरिया
थाना निरसा जिला धनबाद का निवासी
था।मंगलवार को कॉलेज परिसर में 2 किलोमीटर
की मैराथन दौड़ और वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया
था। मैराथन में कुल 58 छात्र
शामिल थे। दौड़ के दौरान विक्रम टुडू अचानक गिर पड़ा। आरोप है कि आयोजन स्थल पर न
तो मेडिकल टीम मौजूद थी और न ही प्राथमिक उपचार की कोई व्यवस्था की गई थी।हालत
गंभीर होने पर विक्रम को सदर
अस्पताल चाईबासा ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे
मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने फोन पर हृदय गति रुकने
से मौत की जानकारी दी लेकिन बिना मेडिकल व्यवस्था के इस तरह
के आयोजन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।कॉलेज के प्राचार्य प्रो.
डी. राहा ने बताया कि मैराथन के दौरान छात्र की तबीयत बिगड़ी और हृदय
गति रुकने से उसकी मौत हुई। वहीं मृतक के चचेरे भाई नीतीश टुडू ने इसे कॉलेज
प्रशासन की लापरवाही बताया है।घटना के बाद भारतीय
जनता पार्टी की जिला अध्यक्ष गीता
बालमुचू सदर अस्पताल पहुंचीं और परिजनों से मुलाकात की। भाजपा नेता देवी शंकर दत्ता उर्फ काबू दत्ता ने
मृतक के परिजनों को 50 लाख
रुपये मुआवजा देने की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ता रियांश
सामड ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।फिलहाल कॉलेज
परिसर में शोक और आक्रोश का माहौल है। छात्र और स्थानीय लोग कॉलेज प्रशासन की
भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं और पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।














