बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी ने क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही ड्रग्स और नशाखोरी की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि युवाओं के बीच हेरोइन ब्राउन शुगर सहित अन्य मादक पदार्थों का फैलता जाल समाज और आने वाली पीढ़ी के लिए बेहद घातक साबित हो रहा है।इस संबंध में विधायक रोशन लाल चौधरी ने झारखंड विधानसभा में अल्प सूचित प्रश्न संख्या 43 के माध्यम से सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट किया। उन्होंने कहा कि झारखंड में इन दिनों नशे का अवैध व्यापार लगातार बढ़ रहा है, जिस पर तत्काल रोक लगाने की आवश्यकता है।विधायक के प्रश्नों के उत्तर में सरकार ने सदन को बताया कि राज्य में नशे के कारोबार पर लगाम कसने के लिए लगातार कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन वर्षों में NDPS एक्ट के तहत दर्ज मामलों और गिरफ्तारियों में उल्लेखनीय कार्रवाई की गई है।NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई आंकड़े 2023: 529 मामले दर्ज 773 गिरफ्तारियां 2024: 803 मामले दर्ज 1062 गिरफ्तारियां 2025: 782 मामले दर्ज 994 गिरफ्तारियां सरकार ने बताया कि वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में मामलों की संख्या में कमी आई है जो पुलिस की सक्रियता और लगातार चलाए जा रहे अभियानों का परिणाम है। वहीं हजारीबाग जिले में फरवरी 2026 तक कुल 17 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में कम हैं।राज्य में मादक पदार्थों के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए अधिसूचना संख्या 4797 30 नवंबर 2022 के तहत विशेष एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है। यह टास्क फोर्स केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।इसके अलावा ड्रग्स से संबंधित सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए MANAS पोर्टल और MANAS हेल्पलाइन नंबर 1933 को सक्रिय किया गया है ताकि आम नागरिक भी गुप्त रूप से ड्रग तस्करी की जानकारी प्रशासन तक पहुंचा सकें।सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने के लिए राज्यभर में जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा कि नशाखोरी के कारण कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं और युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में ड्रग्स के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और इसमें शामिल तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि इसमें समाज के सभी वर्गों को आगे आना होगा। अभिभावकों शिक्षकों सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों को मिलकर युवाओं को जागरूक करना होगा ताकि वे नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों की ओर अग्रसर हों।