हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड में इन दिनों अवैध बालू का कारोबार खुलेआम फल फूल रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों का आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर नदियों से बालू का अवैध उठाव किया जा रहा है जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है।बताया जा रहा है कि अवैध बालू ढुलाई अब संगठित धंधे का रूप ले चुकी है। बड़कागांव से हजारीबाग तक बालू पहुंचाने में प्रति ट्रैक्टर करीब 3000 रुपये का खर्च आता है जबकि आरोप है कि हर थाना क्षेत्र में प्रति ट्रैक्टर 700 रुपये की अवैध वसूली कर वाहनों को पास कराया जाता है।यदि प्रतिदिन करीब 200 ट्रैक्टरों की आवाजाही मानी जाए तो केवल एक थाना क्षेत्र में रोजाना लगभग 1.40 लाख रुपये की अवैध वसूली का दावा किया जा रहा है। महीने भर में यह आंकड़ा 35 से 40 लाख रुपये तक पहुंचने की बात कही जा रही है।इस अवैध कारोबार के कारण नदियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। कई पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त होने की कगार पर हैं और जलस्तर पर भी इसका असर पड़ रहा है।स्थानीय लोगों में इसको लेकर भारी रोष है। उनका कहना है कि एक ओर सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है वहीं दूसरी ओर पर्यावरणीय संतुलन भी बिगड़ रहा है।समाजसेवियों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक से अपील की है कि अवैध बालू कारोबार पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाए।अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या कदम उठाता है।