हजारीबाग: पशु तस्करी को लेकर हजारीबाग में एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। इस बार मामला किसी वाहन की जब्ती से नहीं, बल्कि कथित तौर पर हुए ₹25 हजार के बैंक ट्रांजैक्शन और उसके बाद सामने आए एक WhatsApp स्क्रीनशॉट से जुड़ा है। हजारीबाग निवासी सुमित सिंह उर्फ पिंटू सिंह का दावा है कि 8 सितंबर 2026 की शाम उनके बैंक खाते में ₹25 हजार की रकम आई। उनके मुताबिक बैंक रिकॉर्ड में रकम भेजने वाले का नाम एमडी महताब आलम दिखाई दे रहा है, जबकि सुमित का कहना है कि वह उन्हें नहीं जानते।

सुमित के अनुसार, रकम आने के कुछ देर बाद उनके मोबाइल पर अकील खान उर्फ फंटूश के नाम से एक WhatsApp स्क्रीनशॉट पहुंचा। इसके बाद उन्होंने अकील खान से रकम उनके खाते में भेजे जाने को लेकर सवाल किया। सुमित का दावा है कि उन्होंने रकम स्वीकार करने से इनकार करते हुए उसे वापस करने की बात कही।

मामला इसलिए चर्चा में आया क्योंकि सुमित ने अकील खान पर पशु तस्करी से जुड़े होने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वह लंबे समय से गोहत्या और कथित पशु तस्करी के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं और इसी वजह से उन्हें प्रभावित करने के उद्देश्य से रकम भेजने का प्रयास किया गया। हालांकि, ₹25 हजार के ट्रांजैक्शन का वास्तविक उद्देश्य क्या था और इसका अकील खान से कोई सीधा संबंध है या नहीं, यह अभी जांच का विषय है।

पुराने मामलों का भी किया जा रहा है जिक्र

सुमित का दावा है कि अकील खान का नाम पहले भी पशु तस्करी से जुड़े मामलों में सामने आया है और पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। इस संबंध में पुराने पुलिस रिकॉर्ड और मीडिया रिपोर्टों का हवाला दिया जा रहा है। हालांकि, पुराने मामलों में हुई कार्रवाई को वर्तमान आरोपों का स्वतः प्रमाण नहीं माना जा सकता। मौजूदा मामले में बैंक ट्रांजैक्शन और WhatsApp स्क्रीनशॉट की तकनीकी जांच महत्वपूर्ण होगी।

चौपारण-बंगाल रूट पर भी उठते रहे हैं सवाल

बिहार से झारखंड होते हुए बंगाल की ओर होने वाले कथित पशु परिवहन को लेकर चौपारण, बरही और जीटी रोड के आसपास पहले भी सवाल उठते रहे हैं। पुलिस की ओर से समय-समय पर पशु लदे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात सामने आती रही है। पशु परिवहन से जुड़े मामलों के बीच स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने की मांग भी उठती रही है।

भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सांसद प्रतिनिधि विशाल वाल्मीकि ने चौपारण क्षेत्र और शहर के रास्तों से कथित पशु तस्करी पर रोक लगाने के लिए विशेष पुलिस टीम गठित करने की मांग की है। उन्होंने ऐसे मामलों की जांच कर कार्रवाई की मांग की।वहीं अधिवक्ता सतीश कुमार चंद्रवंशी ने भी पशु तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की। अधिवक्ता-सह-समाजसेवी विवेक कुमार वाल्मीकि ने हजारीबाग के विभिन्न इलाकों से होकर बंगाल की ओर कथित पशु तस्करी की जांच और संबंधित लोगों की पहचान करने की मांग की है।

जांच के केंद्र में तीन बड़े सवाल

इस पूरे मामले में फिलहाल तीन सवाल प्रमुख हैं ₹25 हजार की रकम एमडी महताब आलम ने किस उद्देश्य से भेजी अकील खान के नाम से कथित WhatsApp स्क्रीनशॉट सुमित तक कैसे पहुंचा और इन दोनों के बीच वास्तव में क्या संबंध है

इन सवालों का जवाब बैंकिंग रिकॉर्ड, मोबाइल और WhatsApp से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों तथा पुलिस जांच से ही स्पष्ट हो सकता है।सुमित सिंह का कहना है कि वह पशु तस्करी के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि गोहत्या और अवैध पशु तस्करी पर रोक लगाने की मांग करना है।फिलहाल 25 हजार के कथित लेन-देन ने पशु तस्करी से जुड़े पुराने आरोपों के बीच नए सवाल जरूर खड़े किए हैं। हालांकि, इस लेन-देन के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।