मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल अल्ट्रासाउंड मशीन खराब प्रसूताओं का हंगामा
सदर
अस्पताल के एमसीएच (मदर एंड चाइल्ड हेल्थ) विंग में अल्ट्रासाउंड मशीन खराब हो
जाने से सोमवार को गर्भवती महिलाओं की जांच पूरी तरह ठप हो गई। समय पर जांच नहीं
होने और वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में नाराज मरीजों व उनके परिजनों ने अस्पताल
परिसर में जमकर हंगामा किया और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। सुबह से बड़ी संख्या में गर्भवती
महिलाएं अल्ट्रासाउंड जांच के लिए अस्पताल पहुंची थीं। कई महिलाएं घंटों कतार में
खड़ी रहीं लेकिन करीब 10 बजे स्वास्थ्यकर्मियों ने उन्हें
जानकारी दी कि तकनीकी खराबी के कारण मशीन काम नहीं कर रही है और जांच संभव नहीं हो
पाएगी। इसके बाद मरीजों और उनके परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। मुशहरी प्रखंड से आई प्रसूता कंचन
कुमारी ने बताया कि डॉक्टर ने तत्काल अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी थी लेकिन अस्पताल पहुंचने पर मशीन खराब
मिली। उन्होंने कहा कि निजी जांच केंद्रों में अल्ट्रासाउंड कराने का खर्च काफी
अधिक है जिसे गरीब परिवार आसानी से वहन नहीं कर
सकते। वहीं चंदवारा निवासी उर्मिला देवी ने
बताया कि वह सुबह आठ बजे से ही अस्पताल में जांच के लिए बैठी थीं। काफी इंतजार के
बाद मशीन खराब होने की सूचना मिली जिससे
उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन
ने मशीन खराब होने के बाद कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। भीषण गर्मी में दूर-दराज
के गांवों से आई गर्भवती महिलाओं को घंटों इंतजार करना पड़ा जिससे
उन्हें मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि सदर अस्पताल
में मशीनों के खराब होने की समस्या नई नहीं है। आए दिन किसी न किसी जांच मशीन के
खराब होने से मरीजों को परेशान होना पड़ता है और अस्पताल में हंगामे की स्थिति बन
जाती है। घटना के बाद मरीजों और उनके परिजनों ने
अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए जल्द से जल्द मशीन दुरुस्त कराने
और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकारी
अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का सबसे ज्यादा असर गरीब मरीजों पर पड़ता
है।ग्रामीण क्षेत्रों से
आई महिलाओं को हुई परेशानी
भीषण गर्मी में
मरीजों की बढ़ी मुश्किल
अस्पताल प्रबंधन पर
उठे सवाल















