छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, चिराग पासवान ने विपक्ष से मांगा सहयोग, पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून पर दिया जोर
पटना: केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया। चिराग पासवान ने कहा कि परीक्षा और छात्रों के भविष्य से जुड़े घटनाक्रमों के कारण देशभर के युवाओं में स्वाभाविक आक्रोश था। उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सहित कई लोगों ने लिखित रूप से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं की भावनाओं को गंभीरता से लिया और उसी क्रम में यह निर्णय सामने आया। उन्होंने कहा कि केवल किसी एक व्यक्ति के इस्तीफा देने से पूरी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। आवश्यकता इस बात की है कि शिक्षा व्यवस्था की कमियों और खामियों को दूर कर पूरे सिस्टम में व्यापक सुधार किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी रोक लगाने और शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार पब्लिक एग्जामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 संसद में प्रस्तुत कर रही है। उनका कहना है कि इस विधेयक के माध्यम से कानून को अधिक कठोर और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि कोई भी असामाजिक तत्व युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का साहस न कर सके। चिराग पासवान ने इस मुद्दे पर विपक्ष से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यह राजनीति का विषय नहीं, बल्कि देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य का प्रश्न है। इसलिए सभी दलों को मिलकर इस कानून को मजबूत बनाने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से सांसद अरुण भारती संसद में इस विधेयक पर पार्टी का पक्ष रखेंगे। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्षी दल भी इस महत्वपूर्ण विषय पर गंभीरता और सकारात्मक सोच के साथ चर्चा में भाग लेंगे।















