नई दिल्ली: दिल्ली के कपासहेड़ा स्थित एमसीडी (MCD) स्कूल की 51 वर्षीय शिक्षिका सुमन लता की हार्ट अटैक से मौत के बाद स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) ड्यूटी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक शिक्षिका के परिजनों का आरोप है कि नियमित स्कूल की जिम्मेदारियों के साथ बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की अतिरिक्त ड्यूटी के कारण वह लगातार मानसिक तनाव में थीं। हालांकि, इन आरोपों की अभी किसी आधिकारिक जांच से पुष्टि नहीं हुई है।

परिवार का दावा- देर रात तक करना पड़ता था काम

परिजनों के अनुसार, सुमन लता दिल्ली नगर निगम के कपासहेड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय में नर्सरी शिक्षिका थीं। चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के तहत उन्हें BLO की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी।

मृतका के पति संजीव कुमार यादव ने बताया कि पिछले कई दिनों से उनकी पत्नी दिनभर स्कूल में कार्य करने के बाद देर रात तक SIR से जुड़े कार्यों में व्यस्त रहती थीं। उनका दावा है कि चुनावी सूची संशोधन से संबंधित फोन कई बार रात 1:30 बजे तक आते थे, जिससे उन्हें पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता था।

मौत वाली रात भी रात 2 बजे तक करती रहीं काम

परिजनों का कहना है कि जिस रात सुमन लता की मौत हुई, उस रात भी वह करीब डेढ़ से दो बजे तक SIR से जुड़े कार्य कर रही थीं। उन्होंने अपनी बेटी से सुबह 6 बजे जगाने के लिए कहा था क्योंकि उन्हें फॉर्म लेने जाना था। सुबह जब परिवार ने उन्हें उठाने की कोशिश की तो वह कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही थीं। इसके बाद उनकी मौत की जानकारी मिली।

पूर्व विधायक नरेश यादव ने की निष्पक्ष जांच की मांग

दिल्ली के पूर्व विधायक एवं समाजसेवी नरेश यादव ने मृतका के परिवार से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

उन्होंने बताया कि परिवार के सभी सदस्यों ने एक जैसी बात कही कि सुमन लता पिछले कुछ दिनों से अतिरिक्त कार्यभार और SIR ड्यूटी के दबाव में थीं। नरेश यादव ने यह भी कहा कि परिजनों ने वरिष्ठ अधिकारियों के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि उन पर लगातार काम का दबाव बनाया जाता था।

उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को भेजते हुए दोषी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं

फिलहाल, परिवार और पूर्व विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों की किसी सरकारी एजेंसी या जांच रिपोर्ट से पुष्टि नहीं हुई है। मामले की आधिकारिक जांच अभी बाकी है।

MCD ने हरसंभव सहायता का दिया भरोसा

दिल्ली नगर निगम के शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निगम को शिक्षिका के निधन की जानकारी मिल चुकी है और परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

वहीं, दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय की ओर से समाचार लिखे जाने तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई थी।

जांच रिपोर्ट का रहेगा इंतजार

सुमन लता की मौत के बाद शिक्षकों पर नियमित शिक्षण कार्य के साथ अतिरिक्त प्रशासनिक और चुनावी जिम्मेदारियां दिए जाने को लेकर बहस तेज हो गई है। हालांकि, यह स्पष्ट होना अभी बाकी है कि उनकी मौत में अतिरिक्त कार्यभार या मानसिक तनाव की कोई भूमिका थी या नहीं। इसका निष्कर्ष केवल आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।