पटना : बिहार बंद के दौरान शनिवार को राजधानी पटना के डाकबंगला चौराहा पर उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब छात्र प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंके गए, जिसके बाद पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डाकबंगला चौराहे पर सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर और ईंटें बिखर गईं। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाया और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए कार्रवाई की। इस दौरान कई छात्रों के घायल होने की सूचना है, हालांकि घायलों की आधिकारिक संख्या सामने नहीं आई है। पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया।

NEET पेपर लीक के विरोध में बुलाया गया था बिहार बंद

यह बिहार बंद AISA और अन्य छात्र संगठनों के आह्वान पर बुलाया गया था। प्रदर्शनकारी NEET-UG 2026 पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के विरोध में सड़कों पर उतरे। छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठा रहे हैं।

22 जुलाई की कार्रवाई के विरोध में भी प्रदर्शन

छात्र संगठनों का कहना है कि 22 जुलाई को पटना में हुए लोक भवन मार्च के दौरान पुलिस ने आंसू गैस, वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया था। उसी कार्रवाई के विरोध में भी आज के बिहार बंद का आह्वान किया गया।

शहर में हाई अलर्ट, कई इलाकों में भारी सुरक्षा

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए डाकबंगला चौराहा, गांधी मैदान और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में भारी संख्या में पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। प्रशासन ने पूरे शहर में हाई अलर्ट घोषित कर रखा है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

इस बीच, तेजप्रताप यादव भी गांधी मैदान पहुंचे और छात्रों के समर्थन में तिरंगा लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए।

फिलहाल हालात नियंत्रण में

प्रशासन के अनुसार, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन बिहार के विभिन्न जिलों में बंद का असर देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर प्रदर्शन जारी हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।