नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्र सरकार की E20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) नीति पर सवाल उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि यह नीति अमेरिका के दबाव में लागू की गई है।
केजरीवाल ने कहा कि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा इथेनॉल उत्पादक देश है और भारत ने हाल ही में अमेरिका के साथ एक व्यापार समझौता किया है। उनका दावा है कि इसी समझौते के तहत भारत को अगले पांच वर्षों में अमेरिका से बड़ी मात्रा में सामान खरीदना है और E20 नीति उसी का हिस्सा है। हालांकि, इस दावे के समर्थन में उन्होंने कोई आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया।
सरकार के सामने रखीं तीन मांगें
अरविंद केजरीवाल ने E20 नीति को लेकर केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं—
उपभोक्ताओं को पेट्रोल पंपों पर अपनी पसंद का ईंधन चुनने का विकल्प दिया जाए।
E20 पेट्रोल की कीमत सामान्य (शुद्ध) पेट्रोल से कम रखी जाए।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी को देखते हुए देश में पेट्रोल की कीमत 84 रुपये प्रति लीटर से नीचे लाई जाए।
उन्होंने कहा कि आम जनता महंगे ईंधन का बोझ उठा रही है।
इथेनॉल के फायदे पर भी उठाए सवाल
केजरीवाल ने कहा कि यदि इथेनॉल वास्तव में लाभकारी है तो सरकार इसके फायदे स्पष्ट करे। उन्होंने आरोप लगाया कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से वाहनों का माइलेज कम होता है, उपभोक्ताओं का खर्च बढ़ता है और किसानों को भी अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि इथेनॉल संयंत्रों के आसपास भूजल प्रदूषण की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।
केंद्र सरकार से मांगा जवाब
AAP प्रमुख ने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि E20 नीति लागू करने की आवश्यकता क्यों पड़ी और इसके पीछे क्या कारण हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भ्रामक आंकड़ों के आधार पर इस नीति को आगे बढ़ा रही है।
हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से अरविंद केजरीवाल के इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।















